पीएम मोदी ने मन की बात कार्यक्रम को किया संबोधित
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मन की बात कार्यक्रम की देश में लोकप्रियता बहुत ज्यादा है लेकिन विदेशी राजनेता और शीर्ष अधिकारी भी इस कार्यक्रम के प्रशंसक हैं। यूनेस्को की डीजी ऑड्रे औले ने भी पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम की तारीफ की। मन की बात कार्यक्रम के 100वें एपिसोड में उन्होंने भी अपने विचार रखे।
'भारत और यूनेस्को के संबंध मजबूत'
'मन की बात' कार्यक्रम के दौरान यूनेस्को की डीजी ने कहा कि 'नमस्ते प्रधानमंत्री, यूनेस्को की तरफ से मैं मन की बात रेडियो कार्यक्रम में बोलने का अवसर देने के लिए धन्यवाद देती हूं। यूनेस्को और भारत एक लंबा इतिहास साझा करते हैं और हमारे सभी क्षेत्रों जैसे शिक्षा, विज्ञान और संस्कृति में संबंध बेहद मजबूत हैं। आज इस अवसर पर मैं शिक्षा के महत्व के बारे में बोलना चाहूंगी। यूनेस्को की कोशिश है कि 2030 तक सभी सदस्य देश यह सुनिश्चित करें कि सभी को गुणवत्तापूर्व शिक्षा मिले।'
यूनेस्को डीजी ने कही ये बात
यूनेस्को की डीजी ने प्रधानमंत्री मोदी से ये भी पूछा कि 'दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश में सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कैसे मिल सकती है, इस दिशा में उनकी सरकार क्या कर रही है? यूनेस्को इस दिशा में भी काम कर रहा है किस तरह से संस्कृति और परंपराओं का समर्थन और संरक्षण किया जाए। भारत जी20 की अध्यक्षता कर रहा है। ऐसे में भारत अपने अंतरराष्ट्रीय एजेंडे में संस्कृति और शिक्षा को प्राथमिकता दे रहा है। यूनेस्को डीजी ने कहा कि वह भी जल्द जी20 की बैठक में शामिल होने के लिए भारत आएंगी।'
प्रधानमंत्री मोदी ने दिया ये जवाब
यूनेस्को डीजी के संस्कृति और शिक्षा के संरक्षण को लेकर पूछे गए सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत नई शिक्षा नीति ला रहा है और इसमें तकनीक को भी पूरी जगह दी जा रही है। साथ ही स्कूली शिक्षा छोड़ने में कमी लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मन की बात कार्यक्रम में संस्कृति संरक्षण के लिए लगातार काम किए जा रहे हैं।