मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के फौगाकचाओ इखाई में बुधवार को सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने कर्फ्यू उल्लंघन कर सेना के बैरिकेड को तोड़ने की कोशिश की। त्वरित कार्रवाई बल, असम राइफल्स और पुलिस के जवानों ने हालात पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे महिलाओं समेत 40 से अधिक लोग घायल हो गए।
घायलों को इलाज के लिए बिष्णुपुर जिला अस्पताल और आसपास के अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों ने बताया कि कर्फ्यू का उल्लंघन करते हुए बिष्णुपुर जिले के ओइनम में सैकड़ों स्थानीय लोग अपने घरों से बाहर आ गए। इंफाल से फौगाकचाओ इखाई जा रहे पुलिस और अन्य केंद्रीय बलों के जवानों की आवाजाही को रोकने के लिए सड़क के बीच में बैठ गए। कोऑर्डिनेटिंग कमेटी ऑन मणिपुर इंटिग्रिटी (सीओसीओएमआई) और उसकी महिला इकाई के फौगाकचाओ इखाई में सेना के बैरिकेड्स को तोड़ने के आह्वान के जवाब में लोग बिष्णुपुर जिले में एकत्र हुए थे और मांग कर रहे थे कि उन्हें चुराचांदपुर की ओर भेजा जाए। अपुनबा मणिपुर कनबा इमा लूप (एएमकेआईएल) के अध्यक्ष लौरेम्बम नगनबी ने बताया कि तीन मई को हिंसा भड़कने के बाद सैकड़ों मैतेई बैरिकेड्स के कारण अपने घरों में जाने में असमर्थ हैं।
आवश्यक सेवाओं व उनसे जुड़े लोगों को मिलेगी छूट
राज्य के सूचना एवं जनसंचार मंत्री सपम रंजन ने कहा कि सरकार ने सीओसीओएमआई से सरकार के उठाए गए सुरक्षा कदमों का समर्थन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य, बिजली, पीएचईडी, पेट्रोल पंप, स्कूल/कॉलेज, नगर पालिका, मीडिया और अदालत जैसी आवश्यक सेवाओं से संबंधित व्यक्तियों तथा हवाई यात्रियों को कर्फ्यू के दौरान आवाजाही की छूट दी जाएगी। सीओसीओएमआई के मीडिया समन्वयक सोमेंद्रो थोकचोम ने कहा कि समिति ने पहले सरकार और संबंधित अधिकारियों से 30 अगस्त तक बैरिकेड हटाने का आग्रह किया था।
10 कुकी विधायकों ने मिजोरम के सीएम से की मुलाकात
मणिपुर के 10 कुकी विधायकों, सिविल सोसायटी संगठनों और सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (एसओओ) समूहों ने बुधवार को मिजोरम के मुख्यमंत्री जोरामथांगा से मुलाकात की। सीएम ने उनसे कहा कि वे मणिपुर हिंसा के चलते लोगों को हो रही दिक्कतों से दुखी हैं।