केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने मणिपुर जातीय हिंसा के दौरान बिष्णुपुर पुलिस शस्त्रागार से हथियार और गोला-बारूद की लूट के मामले में सात आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। इनमें से पांच के खिलाफ पूर्व में इंफाल के पांगेई में मणिपुर पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (एमपीटीसी) शस्त्रागार में लूट के मामले में भी आरोपपत्र दायर किया जा चुका है।
इन लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर
अधिकारियों ने रविवार को बताया कि जांच एजेंसी ने हाल में असम के गुवाहाटी में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, कामरूप (मेट्रोपोलिटन) की अदालत के समक्ष आरोपपत्र दाखिल किया। इसमें लैशराम प्रेम सिंह, खुमुकचम धीरेन उर्फ थपकपा, मोइरंगथेम आनंद सिंह, अथोकपम काजीत उर्फ किशोरजीत, लौकराकपम माइकल मंगांगचा उर्फ माइकल, कोंथौजम रोमोजीत मेइती उर्फ रोमोजीत और कीशम जॉनसन उर्फ जॉनसन को आरोपी बनाया गया है।
आरोपियों में लैशराम प्रेम सिंह और खुमुकचम धीरेन उर्फ थपकपा को छोड़कर बाकी पांच को पूर्व में इंफाल के पांगेई में एमपीटीसी पुलिस शस्त्रागार से लूट के मामले में आरोपी बनाया गया था। यह घटना पिछले साल 4 मई को हुई थी। सातों आरोपियों में से मोइरांगथेम फिलहाल न्यायिक हिरासत में है, लेकिन बाकी के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
300 से अधिक हथियार लूटे
पिछले साल 3 अगस्त को बिष्णुपुर के नारानसीना में उग्र भीड़ ने द्वितीय इंडिया रिजर्व बटालियन मुख्यालय के दो कमरों से 300 से अधिक हथियार, 19,800 गोला-बारूद, 9,000 कारतूस, एक एके राइफल, तीन राइफल, 195 सेल्फ-लोडिंग राइफल, पांच एमपी-4 बंदूक, 16.9 एमएम की पिस्तौल सहित अन्य हथियार लूट लिए थे।
पीएलए का सदस्य रहा है मोइरांगथेम
आरोपियों में शामिल मोइरांगथेम आनंद सिंह को प्रतिबंधित पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) और कांगलेइपाक कम्युनिस्ट पार्टी (नोयोन) का पूर्व सदस्य बताया जाता है। बाकी घाटी स्थित प्रतिबंधित आतंकी संगठनों से जुड़े बताए जा रहे हैं। मोइरांगथेम को एनआईए ने पिछले साल म्यांमार स्थित विद्रोही समूहों के साथ संबंध रखने और मणिपुर में मौजूदा जातीय अशांति का फायदा उठाकर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने की साजिश रचने के आरोप में गिरफ्तार किया था।