मणिपुर में हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे। ताजा हिंसा में कुछ उपद्रवियों ने बुधवार को इंफाल पश्चिम के लाम्फेल क्षेत्र में मंत्री नेमचा किपगेन के घर को आग लगा दी। सूत्रों के मुताबिक, घटना बुधवार शाम करीब साढ़े छह बजे की बताई जा रही है। अभी पता नहीं चल पाया है कि जब घर को आल लगाई गई, तब मंत्री घर पर थीं या नहीं। उल्लेखनीय है कि नेमचा किपगेन भाजपा नेता हैं। किपजेन 2017 से भारतीय जनता पार्टी से कांगपोकपी निर्वाचन क्षेत्र से मणिपुर विधानसभा की सदस्य हैं।
इससे पहले खामेनलोक इलाके के एक गांव में संदिग्ध उपद्रवियों के हमले में कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हो गए। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अत्याधुनिक हथियारों से लैस उपद्रवियों ने रात करीब एक बजे इंफाल पूर्वी जिले और कांगपोकी जिले की सीमा से लगे खामेनलोक इलाके के कुकी गांव पर हमला कर दिया। इसके चलते हुई मुठभेड़ में दोनों पक्षों के लोग हताहत व घायल हुए हैं। तीन व्यक्ति लापता भी बताए जा रहे हैं। यह क्षेत्र मेइती-बहुल इंफाल ईस्ट जिला और आदिवासी बहुल कांगपोकपी जिले की सीमाओं से लगा हुआ है।
इस बीच इंफाल ईस्ट और इंफाल वेस्ट में जिला प्रशासन ने कर्फ्यू में ढील की दिए जाने की अवधि को घटाते हुए उसे सुबह पांच बजे से शाम छह बजे की बजाय सुबह पांच से सुबह नौ बजे तक कर दिया है। हिंसा प्रभावित मणिपुर के 16 जिलों में से 11 में अब भी कर्फ्यू लगा हुआ है, जबकि पूरे राज्य में इंटरनेट सेवाएं निलंबित हैं।
मणिपुर में मेइती और कुकी समुदाय के लोगों के बीच करीब एक महीने पहले भड़की हिंसा में कम से कम 100 लोगों की मौत हो चुकी है और 310 अन्य घायल हुए हैं। राज्य में शांति बहाल करने के लिए सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों को तैनात किया गया है। बता दें कि मणिपुर में अनुसूचित जनजाति (एसटी) का दर्जा देने की मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पर्वतीय जिलों में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' के आयोजन के बाद पहली झड़प तीन मई को हुई थी।