भारतीय सेना केवल सीमाओं की ही रक्षा कर हमें जीवन नहीं देते, बल्कि हमारी धमनियों में बहर कर भी हमारी जान बचाते हैं, हमारी हिफाजत करते हैं। भारतीय सेना हर हर एक की जान की परवाह करते हैं। इसलिए आगे बढ़कर रक्तदान शिविरों में हिस्सा लेते हैं। ताकि रक्त की कमी के चलते किसी की जान नहीं जाए। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर असम के तेजपुर में भारतीय सुरक्षा बलों के जवानों ने रक्तदान कर महादानी बने। रक्तदान शिविर में भारतीय सेना का उत्साह देखते ही बनता था।
सेना के उच्चाधाकिरी के मुताबिक विश्व रक्तदाता दिवस के मौके पर बुधवार को तेजपुर के डीआरडीओ के रक्षा अनुसंधान प्रयोगशाला (डीआरएल) में स्थानीय कनकलता सिविल अस्पताल के सहयोग से "रक्तदान अमृत महोत्सव" का आयोजन किया गया। इसमें रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में शिविर में बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों ने भाग लिया, जिसमें से 26 यूनिट रक्त एकत्र किया गया।
विश्व रक्तदाता दिवस का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है। इसका उद्देश्य रक्तदान के महत्व के बारे में जागरूकता पैदा करना और जीवन बचाने में रक्तदाताओं के निःस्वार्थ योगदान को स्वीकार करना है। इस तरह के शिविरों का आयोजन करके डीआरएल-डीआरडीओ स्वैच्छिक रक्तदान की भावना को बढ़ावा दे रहा है। सुरक्षित रक्त की निरंतर मांग को पूरा करने में मदद कर रहा है।