नोटिफिकेशन में कहा गया है कि जांच समिति इस बात की जांच करेगी कि किन परिस्थितियों में ईंधन का लीकेज हुआ। साथ ही जांच कमेटी प्लांट की सुरक्षा और सेफ्टी को लेकर सुझाव भी देगी।
इंफाल घाटी में स्थित एक पावर प्लांट में ईंधन लीक की घटना को मणिपुर सरकार ने पूरी गंभीरता से लिया है। सरकार ने घटना की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस कमेटी की अध्यक्षता एडिश्नल डीजीपी (खुफिया) आशुतोष कुमार सिन्हा करेंगे और इस कमेटी के अन्य सदस्यों में ऊर्जा सचिव शैलेश कुमार चौरसिया और अतिरिक्त सचिव गृह विभाग एम प्रदीप सिंह शामिल हैं। सरकार ने इसे लेकर गुरुवार को नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
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सरकार ने जारी किया नोटिफिकेशन
नोटिफिकेशन में कहा गया है कि जांच समिति इस बात की जांच करेगी कि किन परिस्थितियों में ईंधन का लीकेज हुआ। साथ ही जांच कमेटी प्लांट की सुरक्षा और सेफ्टी को लेकर सुझाव भी देगी। नोटिफिकेशन के अनुसार, जांच समिति 15 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी। मणिपुर के कांगपोकी जिले में स्थित लीमाखोंग पावर स्टेशन में गुरुवार को बड़ी मात्रा में ईंधन लीक हो गया था। यह ईंधन कई जलधाराओं में भी फैल गया था। ये जलधाराएं इंफाल नदी में गिरती हैं, जो कि इंफाल घाटी की जीवनरेखा मानी जाती है।
लीक ईंधन की मात्रा इतनी ज्यादा है कि इससे कई जल धाराओं में आग भी लग गई। कई जलधाराओं को डायवर्ट करने के लिए भारी मशीनरी का इस्तेमाल किया गया, ताकि इससे नदी का जल प्रदूषित ना हो सके। गौरतलब है कि मणिपुर बीती 3 मई से जातीय हिंसा से जूझ रहा है। यही वजह है कि सरकार ईंधन लीक की इस घटना की विस्तृत जांच करा रही है कि कहीं इसमें कोई साजिश तो नहीं है।