मणिपुर विधानसभा चुनावों में मैदान में उतरी पीपुल्स रीसर्जेंस एंड जस्टिस पार्टी (प्रजा) की उम्मीदवार व मानवाधिकार कार्यकर्ता इरोम शर्मिला ने चुनाव आयोग के निर्देश पर राज्य सरकार की ओर से मुहैया कराई गई सुरक्षा लेने से मना कर दिया है।
शर्मिला ने कहा कि उनकी किसी से दुश्मनी नहीं है। इसलिए डरने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि वे हथियारबंद जवानों से घिरे रहने वाली इस वीआईपी संस्कृति का समर्थन नहीं करतीं और आम लोगों के साथ रहना चाहती हैं।
दूसरी ओर, राज्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव जे.सुरेश बाबू ने कहा कि शर्मिला अक्सर अकेले चुनाव प्रचार पर निकलती हैं। इसलिए आयोग के निर्देश पर सरकार ने उनको सुरक्षा मुहैया कराने की पेशकश की थी। उन्होंने कहा कि शर्मिला का सुरक्षा के लिए ही ऐसा किया गया है।
प्रजा पार्टी के संयोजक ईरेंडो ने कहा कि सशस्त्र बल के छह जवान शर्मिला की सुरक्षा में तैनात किए गए हैं जो हमेशा उनका पीछा करते रहते हैं। ध्यान रहे कि चुनाव आयोग ने शुक्रवार को राज्य सरकार से शर्मिला को सुरक्षा मुहैया कराने को कहा था।