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मणिपुर: इंफाल घाटी में 48 घंटे के बंद से सामान्य जनजीवन प्रभावित, चप्पे-चप्पे पर जवान तैनात

Thu, 22 May 2025 09:45 PM IST
राहुल कुमार अमर उजाला ब्यूरो, गुवाहाटी

सार

मैतेई संगठन समन्वय समिति मणिपुर अखंडता (कोकोमी) के 48 घंटे के राज्यव्यापी बंद से गुरुवार को इंफाल घाटी के पांच जिलों में सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। यह बंद सरकारी बस से राज्य का नाम हटाए जाने के विरोध में आयोजित किया गया था।
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मणिपुर में 48 घंटे का राज्यव्यापी बंद - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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सरकारी बस से राज्य का नाम हटाए जाने के विरोध में मैतेई संगठन समन्वय समिति मणिपुर अखंडता (कोकोमी) के 48 घंटे के राज्यव्यापी बंद से गुरुवार को इंफाल घाटी के पांच जिलों में सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान, शैक्षणिक संस्थान, सरकारी और निजी दफ्तर बंद रहे और सार्वजनिक परिवहन सड़कों से नदारद रहा। इस दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पूरे इंफाल में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। राजभवन की तरफ जाने वाले सभी रास्तों और रणनीतिक जगहों पर केंद्रीय बल के जवानों को तैनात किया गया है।
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इंफाल पूर्वी जिले के वांगखेई, खुरई, कोंगबा और इंफाल पश्चिम जिले के क्वाकेथेल, नाओरेमथोंग में बंद समर्थक बंद लागू करने के लिए सड़कों पर उतर आए और घरों से बाहर निकले लोगों से वापस लौटने को कहा। बंद बुधवार आधी रात से शुरू हुआ। बंद समर्थकों ने राजधानी इंफाल के नाओरेमथोंग, क्वाकेथेल, खुरई और वांगखेई में सड़कों पर टायर भी जलाए। यह बंद मंगलवार को ग्वालटाबी चेकपोस्ट पर तैनात सुरक्षा बलों के पत्रकारों को उखरुल जिले में शिरुई लिली महोत्सव के लिए ले जा रही मणिपुर राज्य सड़क परिवहन की बस को रोकने और सूचना एवं जनसंपर्क निदेशालय (डीआईपीआर) के कर्मचारियों को विंडशील्ड पर लिखे राज्य के नाम को सफेद कागज से ढकने के लिए मजबूर करने के विरोध में आहूत किया गया है।
जांच के लिए दो सदस्यीय समिति गठित, 15 दिन में देगी रिपोर्ट

हालांकि, मणिपुर सरकार ने बुधवार को सुरक्षाकर्मियों पर लगे इन आरोपों की जांच के आदेश दिए थे। जनआक्रोश के बाद गृह विभाग ने मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय जांच समिति गठित की है और आयुक्त (गृह) एन अशोक कुमार और सचिव थौंगम किरणकुमार सिंह वाली इस दो सदस्यीय समिति को 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। समिति को सुरक्षा बलों और एमसीआरटीसी की बस से जुड़ी परिस्थितियों और तथ्यों की जांच करने के साथ ही भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उपाय सुझाएगी।
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राज्यपाल से माफी मांगने की मांग
इस घटना पर आक्रोश के बीच कोकोमी ने बुधवार आधी रात से 48 घंटे की आम हड़ताल का आह्वान किया और राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से माफी मांगने के साथ ही सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह, डीजीपी राजीव सिंह और मुख्य सचिव प्रशांत कुमार सिंह के इस्तीफे की मांग की। कोकोमी के संयोजक खुरैजम अथोबा ने कहा, राज्य बस से मणिपुर का नाम हटाना राज्य विरोधी कदम है। यह मणिपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को चुनौती देता है। जनता जानना चाहती है कि यह फैसला किसके आदेश पर लिया गया। इसे 48 घंटे के भीतर साफ किया जाना चाहिए।

राज्य में दो साल बाद हो रहा शिरुई लिली महोत्सव
मैतेई और कुकी-जो समुदाय के बीच जातीय संघर्ष से तबाह राज्य में शिरुई लिली महोत्सव दो साल के बाद आयोजित किया जा रहा है, क्योंकि राष्ट्रपति शासन के बीच सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है। राज्य में एन बीरेन सिंह के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद फरवरी में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया था।
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