लोक जनशक्ति पार्टी (पासवान) के नेता चिराग पासवान के बिहार मुझे बुला रहा है वाले बयान पर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने युवा नेता को सलाह दी है। केंद्रीय मंत्री ने चिराग पासवान से कहा है कि अभी उनको कुछ समय तक दिल्ली में ही रहना चाहिए। उन्हें बिहार जाने की योजना टाल देनी चाहिए।
चिराग पासवान के बिहार बुला रहा है वाले बयान के बाद से उनकी पार्टी में उत्साह फैल गया है। पार्टी ने हाजीपुर सांसद को अगला मुख्यमंत्री बताते हुए पोस्टर लगाना शुरू कर दिया है। इसे लेकर रामदास अठावले ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि चिराग को बिहार में अपना आधार बदलने पर विचार करना चाहिए। उनके लिए कुछ समय दिल्ली में रहना बेहतर होगा।
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अठावले ने पासवान को 2020 के विधानसभा चुनाव की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि यह चुनाव पासवान ने एनडीए से अलग होकर लड़ा था और अपने दिवंगत पिता रामविलास पासवान की सलाह को नजरअंदाज किया था। अठावले ने कहा कि यह सच है कि चिराग ने चुनावों में प्रभाव डाला। जिस पार्टी का वह नेतृत्व कर रहे थे, उसे पर्याप्त संख्या में वोट मिले। लेकिन वह कोई सीट नहीं जीत सकी।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी की उपस्थिति अब पश्चिमी राज्य से कहीं आगे तक है, लेकिन हमें अहसास है कि बिहार में अभी भी हमारी स्थिति मजबूत नहीं है। यही कारण है कि हम यहां कुछ महीनों में होने वाले विधानसभा चुनावों में कोई सीट नहीं मांगेंगे। लेकिन हम एनडीए की जीत के लिए प्रयास करेंगे।
केंद्रीय मंत्री ने बिहार सरकार से पुनः बोधगया मंदिर अधिनियम-1949 के प्रावधानों में संशोधन करने की मांग की, ताकि महाबोधि महाविहार मंदिर का प्रबंधन बौद्धों को सौंपा जा सके।
उन्होंने कहा कि जब मैं पटना आया था तो मैंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बोधगया में बौद्धों द्वारा महाबोधि महाविहार मंदिर पर नियंत्रण की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया था। मैं सरकार से अनुरोध करता हूं कि बोधगया मंदिर अधिनियम-1949 के प्रावधानों में संशोधन किया जाए ताकि महाबोधि महाविहार मंदिर का प्रबंधन बौद्धों को सौंपा जा सके। बौद्धों के लिए एक अलग ट्रस्ट बनाया जाना चाहिए और मंदिर की जमीन ट्रस्ट को सौंप दी जानी चाहिए।
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उन्होंने कहा कि बौद्ध लोग मांग कर रहे हैं कि अन्य धर्मों के लोगों को बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति (बीटीएमसी) का हिस्सा नहीं होना चाहिए। इस मुद्दे का समाधान किया जाए। बोधगया मंदिर अधिनियम, 1949 को निरस्त करके मंदिर प्रबंधन समिति पर बौद्ध नियंत्रण सुनिश्चित करें। ऑपरेशन सिंदूर को लेकर केंद्रीय मंत्री अठावले ने कहा कि पहलगाम हमले का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया।
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