आतंकवाद रोधी एजेंसी के एक प्रवक्ता ने बताया कि मामला का स्वत: संज्ञान लेते हुए 19 जुलाई को दर्ज किया गया है और आरोपी को दिल्ली लाया गया है। उन्होंने बताया कि मणिपुर पुलिस ने चुराचांदपुर में गंगटे को गिरफ्तार किया और उसे एनआईए को सौंप दिया।
बयान में कहा गया है, 'मामले की जांच से पता चला है कि म्यांमार और बांग्लादेश स्थित उग्रवादी समूहों ने भारत में उग्रवादी नेताओं के एक वर्ग के साथ मिलकर विभिन्न जातीय समूहों के बीच दरार पैदा करने और भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने के इरादे से हिंसा की घटनाओं की साजिश रची है।'
प्रवक्ता ने कहा, 'इस उद्देश्य के लिए आतंकी नेतृत्व हथियार, गोला-बारूद और अन्य प्रकार के आतंकवादी हार्डवेयर खरीदने के लिए धन प्रदान कर रहा है। सीमा पार से और पूर्वोत्तर राज्यों में सक्रिय अन्य आतंकवादी संगठन मणिपुर के मौजूदा जातीय संघर्ष को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं।' एनआईए ने 22 सितंबर को इस मामले में मणिपुर से मोइरांगथेम आनंद सिंह को गिरफ्तार किया था।