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Manipur: 'घबराने की जरूरत नहीं, शांति पहल शुरू हो गई'; राज्य में जातीय हिंसा के मुद्दे पर बोले CM बीरेन सिंह

Sun, 25 Feb 2024 08:56 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इम्फाल

सार

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा कि राज्य में जातीय तनाव को दूर करे लिए शांति पहल शुरू हो गई है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमें अब घबराने की जरूरत नहीं है।
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मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने कहा कि राज्य में जातीय तनाव को दूर करे लिए शांति पहल शुरू हो गई है। खिलाड़ी दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जीवन, संपत्ति और राज्य की अखंडता की सुरक्षा के लिए सरकार की जिम्मेदारी पर जोर देते हुए नागरिकों को सुरक्षा देने का आश्वासन दिया। 
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हर व्यक्ति की सुरक्षा के लिए हम प्रतिबद्ध- बीरेन सिंह
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमें अब घबराने की जरूरत नहीं है। मैं राज्य के लोगों को आश्वास्त करना चाहता हूं कि स्थिति से निपटने के लिए सभी क्षेत्रों में सुरक्षा बलों को तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मैं राज्य के हर व्यक्ति की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हूं। संबोधन के दौरान उन्होंने बातचीत के जरिए शांति स्थापित करने की अभी प्रतिबद्धता को भी दोहराया है। साथ ही लोगों से सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों पर भरोसा करने की भी अपील की है। 

नशा मुक्त मणिपुर हमारा संकल्प- बीरेन सिंह
उन्होंने कहा कि राजनीतिक समाधान के लिए शांति और बातचीत की प्रक्रिया शुरू हो गई है, ताकि हर कोई शांति से रह सके। संबोधन में सीएम एन बीरेन सिंह ने कहा कि हमें पहले की स्थिति को फिर से लाना होगा। नशीली दवाओं के दुरुपयोग और जनसांख्यिकीय बदलाव जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को भी संबोधित हुए उन्होंने कहा कि नशीली दवाओं की लत से निपटने और जनसांख्यिकीय संतुलन बनाए रखने के लिए सरकार लगातार कदम उठा रही है। 30 लाख में से लगभग 1.5 लाख लोग नशीली दवाओं से ग्रस्त हैं। यही कारण है कि राज्य सरकार ने 2018 में नशीली दवाओं के खिलाफ युद्ध की घोषणा की थी।
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अवैध प्रवासियों की पहचान करेंगे- बीरेन सिंह
सीएम बीरेन सिंह ने कहा कि 2006 से 2018 तक, राज्य में अचानक से लगभग 1,400 नए गांव उभर आए हैं, जिससे जनसांख्यिकीय असंतुलन पैदा हो गया है। राज्य सरकार 1961 को आधार वर्ष मानकर अवैध प्रवासियों की पहचान करेगी। हम वर्तमान और भावी पीढ़ी को सुरक्षित करने के लिए राजनीति करते हैं। हम बहुत स्पष्ट होना चाहते हैं। हम सीमाओं पर बाड़ लगाएंगे, मुक्त आवाजाही व्यवस्था को रद्द करेंगे और राज्य में 1961 के बाद आए सभी अवैध प्रवासियों की पहचान करेंगे। यही हमारी प्रतिबद्धता है।
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