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Manipur: भाजपा विधायक की ITLF को बैन करने की मांग; कुकी समूह बोला- CM के ऑडियो टेप से ध्यान हटाने की कोशिश

Wed, 04 Sep 2024 08:36 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंफाल

सार

मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के दामाद राजकुमार इमो सिंह ने गृह मंत्रालय से कूकी समूह इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम पर प्रतिबंध लगाने की अपील की है। 
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कथित आईटीएलएफ ड्रोन दस्ते का सदस्य - फोटो : @imosingh
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विस्तार
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मणिपुर में पिछले साल भड़की हिंसा अभी भी बरकरार है। यहां लगातार तनाव बना हुआ है। इस बीच, सत्तारूढ़ भाजपा के एक विधायक ने कुकी समूह पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। बता दें, ये समूह मणिपुर से अलग प्रशासन बनाने की मांग कर रहा है।

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मुख्यमंत्री के दामाद ने कही ये बात
विधायक और मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के दामाद राजकुमार इमो सिंह ने गृह मंत्रालय से कूकी समूह इंडिजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (आईटीएलएफ) पर प्रतिबंध लगाने की अपील की है। साथ ही आरोप लगाया कि समूह घातक ड्रोन, बम और गोला-बारूद खरीदने के लिए वित्तीय सहायता ले रहा है।

तस्वीरें साझा कीं
मैतेई समुदाय से आने वाले विधायक ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर 'हाओपू वाइफे' (Haopu Vaiphei) नाम से पहचान पत्र और 'आईटीएलएफ ड्रोन स्क्वाड' शब्दों के साथ एक व्यक्ति की कथित तस्वीरें अपलोड की थीं। सिंह ने पूछा, 'आईटीएलएफ आईडी वाला यह व्यक्ति कौन है और कौन इन लोगों को निर्दोष नागरिकों पर हमला करने के लिए तैयार कर रहा है?
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उन्होंने आईटीएलएफ द्वारा जारी एक कथित रसीद भी साझा की। इसमें दावा किया गया कि बेनी मेनाशे समुदाय ने आईटीएलएफ रक्षा विभाग को 3.9 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी थी। बेनी मेनाशे भारत और म्यांमार की सीमा पर स्थित भारतीय यहूदियों का एक समुदाय है, जो दावा करते हैं कि वे इस्राइल की 10 खोई हुई जनजातियों में से एक से वंशज हैं।



यह है मामला
इमो सिंह ने रविवार को हमले के बाद आरोप लगाया है। बता दें, उग्रवादियों ने पहाड़ी की चोटी से निचले इलाके कोत्रुक और कडांगबांड घाटी को निशाना बनाया और पहले अंधाधुंध गोलीबारी की थी। उसके बाद ड्रोन से जबरदस्त बम बरसाए। अचानक हुए हमले से गांव में दहशत फैल गई और लोग खुद की जान बचाने के लिए सुरक्षित ठिकाने तलाशते देखे गए। हमले में दो लोगों की मौत हो गई। दो सुरक्षाकर्मियों समेत नौ अन्य घायल हो गए। मणिपुर गृह मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया था कि राज्य सरकार को जानकारी मिली है कि कथित तौर पर कुकी उग्रवादियों ने घटना को अंजाम दिया है। 



उन्होंने कहा, 'मणिपुर राज्य का एक विधायक होने के नाते मैं आईटीएलएफ संगठन को प्रतिबंधित करने की मांग करता हूं। अगर ये तस्वीरें सच हैं, अगर वे निर्दोष लोगों पर हमला करने के लिए बम सहित घातक ड्रोन, अन्य हथियार और गोला-बारूद खरीदने के लिए वित्तीय सहायता ले रहे हैं, तो उन्हें गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। '
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उन्होंने आगे कहा, 'जैसा कि मैंने पहले कहा, यह सिर्फ एक जातीय संघर्ष नहीं है। यह आतंकी कृत्य है।'

(नोट- अमर उजाला इमो सिंह द्वारा पोस्ट की गई तस्वीरों की पुष्टि नहीं करता है।)

कोई विश्वसनीय सबूत नहीं: कुकी समूह
आईटीएलएफ और अन्य प्रमुख कुकी समूहों ने अलग-अलग बयानों में कुकी-जो जनजातियों द्वारा मैतेई पर हमला करने के लिए हथियारबंद ड्रोन का इस्तेमाल करने के आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताया। कुकी समूहों ने कहा कि पूरी घटना मुख्यमंत्री से जुड़े ऑडियो टेप लीक विवाद से ध्यान हटाने के लिए थी।



गृह मंत्रालय के तहत एक जांच समिति को सौंपे गए कथित ऑडियो टेप में मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर स्वीकार किया है कि उन्होंने मणिपुर जातीय संघर्ष शुरू किया था। जिन लोगों ने जांच पैनल को टेप दिए, उन्होंने कथित तौर पर हलफनामा दिया कि सामग्री वास्तविक है और सुरक्षा की मांग की।

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