मणिपुर में दूसरे और अंतिम चरण के मतदान के पूर्व हुई हिंसा में एक शख्स की मौत हो गई। वहीं, कारोंग निर्वाचन क्षेत्र में ईवीएम लूटने के प्रयास में सुरक्षा बलों की गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। इसके अलावा भी मतदान के दौरान कुछ जगहों से छिटपुट हिंसा की घटनाएं सामने आईं। अंतिम चरण में शनिवार को दो तिहाई से अधिक (78.49 फीसदी) मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
छह जिलों की 22 विधानसभा सीटों पर मतदाताओं ने 92 उम्मीदवारों का भविष्य तय किया है। कोविड-19 के सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए 1247 मतदान केंद्रों पर मतदान की व्यवस्था की गई थी। एक अधिकारी के अनुसार सेनापति जिले में तीन सीटों पर मतदान हुआ, जहां सबसे अधिक 82.02 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।
वहीं, थौबल जिले में 78 फीसदी मतदान हुआ। उखरूल और चंदेल जिलों में क्रमश: 71.57 और 76.71 फीसदी मत पड़े। हालांकि तामेंगलॉन्ग में सबसे कम 66.40 प्रतिशत मत पड़े। वहीं, राज्य के सबसे छोटे जिले जिरिबाम में मत का प्रतिशत 75.02 दर्ज किया गया। इससे पहले पहले चरण में 60 में से 38 विधानसभा सीटों पर 28 फरवरी को मतदान हुआ था।
भाजपा कार्यकर्ता की हत्या
- दूसरे चरण का मतदान शुरू होने से कुछ घंटे पहले, उस समय हिंसा भड़क उठी, जब भाजपा के एक समर्थक की कथित तौर पर कांग्रेस के एक कार्यकर्ता ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि 25 वर्षीय एल. अमुबा सिंह को गोली लगने के बाद शनिवार तड़के यहां एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां उसकी मौत हो गई।
- अमुबा सिंह, भाजपा के अन्य कार्यकर्ताओं के साथ थौबल जिले में तड़के कांग्रेस कार्यकर्ता के आवास पर गए थे ताकि उन्हें प्रचार बंद करने के लिए कहा जा सके क्योंकि इसके लिए निर्धारित समय समाप्त हो गया था।
- एक अन्य घटना में मणिपुर के इंफाल पश्चिम जिले के लाम्फेल इलाके में कुछ अज्ञात बदमाशों ने भाजपा से निष्कासित नेता सी. बिजॉय के आवास पर देसी बम फेंका। दोपहिया वाहन पर आए दो नकाबपोश बदमाशों द्वारा किए गए विस्फोट में कोई घायल नहीं हुआ है। यह घटना शुक्रवार रात को हुई।