केरल में कोरोना महामारी के खौफ के चलते कर्नाटक सरकार ने सख्ती बरतना शुरू कर दी है। सोमवार को केरल के सैकड़ों यात्रियों को तेलापैडी बॉर्डर से दक्षिण कन्नड पुलिस ने वापस भेज दिया, क्योंकि उनके पास निगेटिव आरटी पीसीआर रिपोर्ट नहीं थी। कर्नाटक सरकार ने बाहरी राज्यों से आने वालों के लिए यह रिपोर्ट अनिवार्य कर दी है।
केरल के यात्रियों ने कर्नाटक सरकार के इस कदम का मंगलूरू में विरोध किया और कुछ देर चक्काजाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि कर्नाटक सरकार ने अचानक यह निर्णय किया। इससे कासरगोद के लोगों को बड़ी परेशानी हो रही है, क्योंकि वे रोजगार, शिक्षा व चिकित्सा के लिए मंगलूरू पर निर्भर हैं। उन्होंने मंगलूरू जिला प्रशासन से आग्रह किया कि वह शहर में प्रवेश के पूर्व तेलापैडी में कोविड टेस्ट के प्रबंध करे।
इस बीच मंगलूरू पुलिस ने कहा है कि वह उन लोगों के खिलाफ केस दर्ज करेगी, जिन्होंने हाईवे पर चक्काजाम किया था। दक्षिण कन्नड जिले के प्रशासन ने कहा कि सोमवार सुबह तक तेलापैडी बॉर्डर पर टेस्ट किया जा रहा था। जिन लोगों में लक्षण थे, उनका आरएटी टेस्ट जरूरी है, इसलिए उन्हें वापस भेजा गया। डिप्टी कमिश्नर केवी राजेंद्र ने कहा कि केरल के किसी व्यक्ति को बगैर आरटी पीसीआर निगेटिव टेस्ट रिपोर्ट के मंगलूरू में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन कराने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
विद्यार्थियों को इजाजत दी गई
हालांकि केरल से मंगलुरू यूनिवर्सिटी की परीक्षा देने आए विद्यार्थियों को आने दिया गया। उन्हें कॉलेज का परिचय पत्र दिखाने के बाद इजाजत दी गई। बता दें, कर्नाटक सरकार ने 31 जुलाई से केरल व महाराष्ट्र से आने वाले सभी लोगों के लिए निगेटिव आरटी पीसीआर रिपोर्ट अनिवार्य कर दी है। इन दोनों राज्यों में कोरोना मरीजों की बड़ी संख्या को देखते हुए यह फैसला किया गया है।