मणिपुर की राजधानी इंफाल के बॉस्केटबॉल मैदान के पास इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस लगाने के आरोप में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। यह प्रतिबंधित आतंकी संगठन अलकायदा का सदस्य बताया गया है।
पुलिस के मुताबिक इंफाल के सिंगजामेई चिंगमखा में बास्केटबॉल ग्राउंड के पास आईईडी लगाने के मामले में क्षेत्रमयम भोगेंद्रो सिंह नाम के एक शख्स को हिरासत में लिया गया है। असम के मोरीगांव जिले की पुलिस अधीक्षक अपर्णा एन. ने बताया कि गिरफ्तार मामले में अब तक गिरफ्तार दोनों व्यक्ति प्रतिबंधित आतंकी संगठन से संबद्ध हैं।
दोनों की गिरफ्तारी मोरीगांव से हुई है। दोनों संदिग्ध आतंकवादियों की पहचान मुसादिक हुसैन और इकरामुल इस्लाम के रूप में हुई। पुलिस इनसे पूछताछ कर आतंकी कृत्यों के बारे में जानकारी हासिल कर रही है। बता दें, पिछले महीने अंसारुल्लाह बांग्ला टीम के दो संदिग्ध आतंकी मोरीगांव से गिरफ्तार किए गए थे।
इनसे पूर्व 21 अगस्त को असम पुलिस ने अलकायदा की भारतीय उपमहाद्वीप इकाई (AQIS) और अंसारुल्लाह बांग्ला के आतंकवादी समूहों से जुड़े दो संदिग्ध आतंकवादियों को गोलपाड़ा जिले में गिरफ्तार किया था। उनकी पहचान इमाम अब्दुस सुभान और जलालुद्दीन शेख के रूप में हुई थी।
अब तक तीन मदरसे गिराए गए
गत माह मोरीगांव जिला प्रशासन ने मोइराबारी में एक मदरसे को तबाह कर दिया था। यहां आतंकी गतिविधियां चलने का भंडाफोड़ हुआ था। आतंकी संगठनों से जुड़े होने के आरोप में इमाम और मदरसा शिक्षकों समेत 40 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अब तक असम प्रशासन ने राज्य में तीन मदरसों को ध्वस्त कर दिया है। एक्यूआईएस के अलावा इस तरह के एक और शैक्षणिक संस्थान को स्थानीय लोगों ने खुद ही ढहा दिया था। इससे जुड़े एक मौलवी को राष्ट्र विरोधी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। ऐसी खबरें थीं कि कुछ आतंकवादी धार्मिक शिक्षकों के वेश में असम में घुस आए हैं और चुपचाप अपनी विध्वंसकारी और देश विरोधी गतिविधियों में जुटे हैं।
सीएम सरमा ने कही थी यह बात
असम के सीएम हिमंत बिस्व सरमा ने हाल ही में कहा था कि छह बांग्लादेशी नागरिक, जो अंसारुल्लाह बांग्ला टीम और अलकायदा के सदस्य हैं ने 2016-17 में राज्य में प्रवेश किया था। असम पुलिस ने उनमें से एक को गिरफ्तार किया था और पांच अभी भी फरार हैं। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि राज्य में आने वाले इस्लामी शिक्षकों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इसके अलावा राज्य एक पोर्टल विकसित कर रहा है जहां उनका विवरण दर्ज रहेगा।