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IAS Cadre Rules 1954: ममता ने फिर प्रधानमंत्री से की अपील, कहा- आईएएस (कैडर) नियामवली में संशोधन पर केंद्र आगे नहीं बढ़े

Thu, 20 Jan 2022 07:05 PM IST
अभिषेक दीक्षित न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

केंद्र सरकार ने नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव रखा है जिससे वह राज्य सरकार की आपत्तियों को दरकिनार कर आईएएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर पदस्थापित कर पाएगा। इससे पहले ममता बनर्जी ने 13 जनवरी को मोदी को पत्र लिखकर उनसे इस प्रस्ताव पर आगे नहीं बढ़ने की अपील की थी।
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प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आईएएस (कैडर) नियमावली, 1954 में प्रस्तावित संशोधन को लेकर गुरुवार को एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा। इस दौरान उन्होंने कहा कि इससे अधिकारियों में भय का माहौल पैदा होगा एवं उनका कार्यनिष्पादन प्रभावित होगा। आठ दिनों में इस विषय पर दूसरी बार मोदी को लिखे पत्र में बनर्जी ने कहा कि संशोधन से संघीय तानाबाना एवं संविधान का मूलभूत ढांचा नष्ट हो जाएगा।

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दरअसल, केंद्र सरकार ने नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव रखा है जिससे वह राज्य सरकार की आपत्तियों को दरकिनार कर आईएएस अधिकारियों को केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर पदस्थापित कर पाएगा। इससे पहले ममता बनर्जी ने 13 जनवरी को मोदी को पत्र लिखकर उनसे इस प्रस्ताव पर आगे नहीं बढ़ने की अपील की थी।

इस बीच मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने गुरुवार को आरोप लगाया कि गणतंत्र दिवस परेड के लिए कुछ निश्चित राज्यों की झांकी के प्रस्ताव को अस्वीकार किया जाना भाजपा नीत केंद्र सरकार द्वारा देश के 'संघवाद और सामाजिक सांस्कृतिक परंपरा' के प्रति 'गहरी अवमानना' को दर्शाता है। इस साल की गणतंत्र दिवस परेड के लिए विषय विशेषज्ञ समिति द्वारा केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की झांकियों के प्रस्ताव को अस्वीकार किया गया है।
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माकपा के मुखपत्र 'पीपुल्स डेमोक्रेसी' के हालिया संपादकीय में कहा गया कि जिस तरह से गणतंत्र दिवस परेड के लिए केंद्र द्वारा कुछ खास राज्यों की झांकी को मंजूरी नहीं दी गई, वह काफी हद तक भाजपा शासन की मानसिकता को दर्शाता है। केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल सरकारों की झांकियों को मंजूरी नहीं दिया जाना स्वतंत्रता संग्राम के संघवाद और सामाजिक सांस्कृतिक परंपरा के प्रति गहरी अवमानना है।

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