पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को कहा कि उन्होंने कांग्रेस को सुझाव दिया था कि विपक्ष रणनीति बनाने के लिए एक सलाहकार परिषद का गठन किया जाए। इसमें नागरिक समाज की प्रमुख हस्तियां शामिल हों, लेकिन अफसोस इस बात का है कि यह योजना नहीं बनी। इसे अमल में लाना जरूरी नहीं समझा गया। ममता ने कहा कि चल रहे फासीवाद के खिलाफ किसी की लड़ाई के रूप में एक मजबूत वैकल्पिक रास्ता बनाया जाना चाहिए। अब यूपीए जैसी कोई चीज नहीं रही।
ममता ने यहां सिविल सोसायटी के कुछ सदस्यों से बातचीत में कहा कि अगर सभी क्षेत्रीय दल एक साथ आ जाते हैं तो भाजपा को हराना आसान होगा। उन्होंने कहा कि हम कहना चाहते हैं कि भाजपा हटाओ, देश बचाओ। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगी। उन्होंने कहा कि मैं नहीं चाहती कि मेरा विपक्ष अपनी रणनीति बनाए। इसलिए मैं ज्यादा खुलासा नहीं कर रही हूं।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह भाजपा के खिलाफ विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व करेंगी? बनर्जी ने कहा कि वह एक छोटी कार्यकर्ता हैं और ऐसे ही जारी रखना चाहती हैं। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए कहा कि राजनीति में निरंतर प्रयास जरूरी है। आप ज्यादातर समय विदेश में नहीं रह सकते।
उन्होंने कहा कि मैंने कांग्रेस को सुझाव दिया था कि विपक्ष को निर्देश देने के लिए एक सलाहकार परिषद होनी चाहिए, जिसमें नागरिक समाज की प्रमुख हस्तियां शामिल हों, लेकिन यह व्यर्थ रहा। बनर्जी ने कहा कि भाजपा सुरक्षित नहीं है और देश को सुरक्षित रखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि देश में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) जैसे कानूनों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस पार्टी बंगाल में चुनाव लड़ सकती है तो फिर टीएमसी गोवा में क्यों नहीं लड़ सकती। मैं भाजपा को राजनीतिक तौर पर इस देश से बाहर देखना चाहती हूं। यदि कांग्रेस बंगाल में लड़ सकती है तो फिर मैं गोवा में क्यों नहीं लड़ सकती? आपको भाजपा के खिलाफ मैदान में रहना होगा और लड़ना होगा वरना वह आपको बाहर फेंक देगी।
टीएमसी प्रमुख ने दावा किया कि यूएपीए आंतरिक सुरक्षा और बाहरी ताकतों से सुरक्षा के लिए है। यह आम लोगों के लिए नहीं है। यूएपीए का किसी भी चीज की तरह दुरुपयोग किया जा रहा है। आई-टी विभाग, सीबीआई ईडी का भी दुरुपयोग किया जा रहा है। बनर्जी ने कहा कि डरने की जरूरत नहीं है और वह आखिरी सांस तक लड़ेंगी।पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वह सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों को बेचने के खिलाफ हैं।
शाहरुख, जावेद अख्तर का भी पक्ष लिया
ममता ने सिविल सोसायटी के साथ मुलाकात में अभिनेता शाहरुख खान और गीतकार जावेद अख्तर को परेशान किये जाने की बात की। बॉलीवुड हस्तियों का पक्ष लेते हुए कहा, सरकार ने इन हस्तियों को बिना किसी आधार के परेशान किया है। इस दौरान अभिनेत्री ऋचा चड्ढा, निर्देशक महेश भट्ट, सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटकर, स्टैंडअप कमीडियन मुनव्वर फारूकी मौजूद थे।
Shri Mahesh Bhatt ji interacts with our Hon’ble Chairperson Mamata Banerjee at the Civil Society members meet in Mumbai.
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- All India Trinamool Congress (@AITCOfficial) 2 Dec 2021