कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने तीन सदस्यीय फैक्ट फाइंडिंग समिति का गठन किया है। समिति गुजरात में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों के परिणामों की समीक्षा करेगी। कमेटी दो सप्ताह के भीतर पार्टी अध्यक्ष को रिपोर्ट सौंपेगी।
दरअसल, गुजरात विधानसभा चुनाव में इस बार कांग्रेस का प्रदर्शन बेहद खराब रहा था। वह 17 सीटों पर ही सिमट गई थी। देश की सबसे पुरानी पार्टी का राज्य में अब तक यह सबसे बुरा प्रदर्शन है। इससे पहले 1990 के चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन सबसे नीचे गिरा था। तब पार्टी को सिर्फ 33 सीटें मिली थीं। साल 2002 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 50 सीटें, जबकि 2007 में 59 सीटें मिली थीं। पिछले चुनाव में कांग्रेस को 77 सीटें मिली थीं।
वहीं, भाजपा ने सत्ता विरोधी लहर की धारणा को धता बताते हुए अपने पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया था। भाजपा इस बार गुजरात विधानसभा की कुल 182 सीटों में 156 पर जीत हासिल की थी। भाजपा को इससे पहले साल 2002 के चुनाव में 127 सीटें मिली थीं, लेकिन इसके बाद हुए चुनावों में पार्टी की सीटें घटती गईं। 2017 के चुनाव में भाजपा को 99 सीटें ही मिली थीं।
असम और अरुणाचल के कांग्रेस नेताओं से मिले खरगे
इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने बुधवार को अरुणाचल प्रदेश और असम के पार्टी नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान उनके साथ दोनों राज्यों की राजनीतिक स्थिति पर चर्चा की गई। खरगे ने असम प्रदेश महिला कांग्रेस को प्रदेश में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ निकालने के लिए शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने एक ट्वीट में यह आरोप लगाया कि मोदी सरकार में किसानों की आय दोगुनी तो नहीं हुई, बल्कि हर साल घटी है। 2016-17 से 2020-21 के बीच किसानों की आय हर साल 1.5 प्रतिशत घटी है। कांग्रेस नीत संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के दौरान किसानों की आय हर साल 7.5 प्रतिशत तक बढ़ी थी।