प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर मलयेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ द्विपक्षीय बैठक की। मलयेशिया, प्रधानमंत्री मोदी के निमंत्रण पर ब्रिक्स के साझेदार देश के रूप में इस शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहा है। दोनों नेताओं की मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब भारत और मलयेशिया के बीच रणनीतिक साझेदारी को लगातार विस्तार मिल रहा है।
ब्रिक्स के मंच से समावेशी विकास पर मलयेशिया
का जोर
मलयेशिया विदेश मंत्रालय के अनुसार, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन संगठन के सदस्य और साझेदार देशों के राष्ट्राध्यक्षों एवं शासनाध्यक्षों को वैश्विक शासन, सतत विकास, आर्थिक सहयोग, व्यापार एवं निवेश, डिजिटल बदलाव और विकासशील देशों के सामने मौजूद वैश्विक चुनौतियों जैसे रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा के लिए एक उच्चस्तरीय मंच उपलब्ध कराता है। अनवर इब्राहिम सम्मेलन में ‘समावेशी वैश्विक विकास के लिए भविष्य को आकार देने’ विषय पर राष्ट्रीय वक्तव्य देंगे। मलयेशिया विकास संबंधी चुनौतियों से निपटने, आर्थिक अवसरों के विस्तार और तकनीकी प्रगति का लाभ सभी देशों तक अधिक समान रूप से पहुंचाने के लिए सहयोग मजबूत करने पर जोर देगा।
भारतीय हथियार खरीदना चाहता है मलयेशिया
भारत सरकार के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मलयेशिया मेड इन हथियार खरीदना चाहता है। प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुई बैठक में प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने इस बात का जिक्र किया। हालांकि वो भारत से कौन-कौन से हथिायार खरीदना चाहते हैं अभी इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।
केरल दौरे में व्यापार से शिक्षा तक सहयोग पर चर्चा
ब्रिक्स सम्मेलन के बाद मलयेशियाई प्रधानमंत्री केरल का दौरा भी करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, प्रतिभा एवं श्रम, शिक्षा तथा क्षेत्रीय संपर्क जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रणनीतिक सहयोग बढ़ाने पर चर्चा होगी। केरल में अनवर इब्राहिम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन और भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबूबकर अहमद से मुलाकात करेंगे। इन बैठकों में सामुदायिक विकास, शिक्षा के विस्तार और अंतरधार्मिक सौहार्द से जुड़े मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान होने की उम्मीद है।
2024 में व्यापक रणनीतिक साझेदारी तक पहुंचे रिश्ते
भारत और मलयेशिया के संबंध आपसी सम्मान और साझा मूल्यों पर आधारित हैं। अगस्त 2024 में दोनों देशों के रिश्तों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी (CSP) के स्तर तक पहुंचाया गया। फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलयेशिया का दौरा किया था। उस दौरान दोनों नेताओं ने राजनीतिक संवाद, रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग, समुद्री सहयोग, व्यापार और निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की थी।
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पुतिन से मुलाकात में सीधी उड़ानों और वीजा पर जोर
ब्रिक्स सम्मेलन में शामिल होने के लिए नई दिल्ली पहुंचने के बाद अनवर इब्राहिम ने शुक्रवार देर रात रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ भी द्विपक्षीय बैठक की। मलयेशिया प्रधानमंत्री ने बताया कि रात करीब 11 बजे हुई यह मुलाकात दोस्ताना माहौल में हुई, जिसमें दोनों देशों के संबंधों की प्रगति की समीक्षा की गई और सहयोग मजबूत करने के लिए कई ठोस कदमों पर चर्चा हुई। इब्राहिम ने मलयेशिया और रूस के बीच सीधी उड़ानें शुरू करने तथा पहले से सहमत वीजा-मुक्त यात्रा व्यवस्था को लागू करने की प्रक्रिया तेज करने की जरूरत बताई। उनका कहना है कि इससे पर्यटन, व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने दोनों देशों के बीच हुए समझौतों को तेजी से लागू करने के लिए एक विशेष समन्वय तंत्र बनाने का प्रस्ताव भी रखा।