गुजरात और महाराष्ट्र में मकर संक्रांति के त्योहार के बीच कई घरों में मातम पसर गया। दोनों राज्यों में चार अलग अलग स्थानों में पतंग के मांझे से गला कट जाने से चार लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में तीन साल की एक बच्ची भी शामिल है।
शनिवार दोपहर में गुजरात के मेहसाणा जिले के विसनगर कस्बे में अपनी मां के साथ घर जा रही कृष्णा ठाकोर (3) की गर्दन पतंग के मांझे से कट गई। जानकारी पुलिस और उसके परिजनों ने दी। एक अधिकारी ने कहा, 'पास के सरकारी अस्पताल में पहुंचने पर बच्ची को मृत घोषित कर दिया गया।'
ऐसी ही एक दर्दनाक घटना वडोदरा शहर के छानी इलाके में घटी। यहां एक मोटरसाइकिल सवार की पतंग की डोर से गर्दन कट गई, जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई। छानी पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि स्वामीजी अपने दोपहिया वाहन पर एक पुल से नीचे आ रहे थे, तभी एक पतंग का मांझा उनके गले में फंस गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।'
इस बीच 108 आपातकालीन चिकित्सा सेवा (ईएमएस) के अधिकारियों ने कहा कि पूरे गुजरात में दिन भर पतंग की डोर से लोगों के घायल होने के कई मामले सामने आए हैं। पतंग की डोर से हुई अलग-अलग घटनाओं में कुछ लोग वाहनों से गिर गए। ईएमएस अधिकारियों ने कहा कि पतंग उड़ाते समय लोगों के छतों से गिरने और घायल होने की घटनाएं भी सामने आई हैं।
आंकड़ों के अनुसार, शनिवार शाम 5 बजे तक राज्य भर में 62 लोगों को पतंग की डोर से चोटें आईं, 164 ऊंचाई से गिरने से घायल हुए और 400 लोग सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुए।
इन आंकड़ों में अहमदाबाद में ऊंचाई से गिरने के कारण 36 मामलों में पतंग की वजह से लगी चोट के 25 मामले, 56 सड़क दुर्घटनाएं और 36 चोटें शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि पतंग की डोर से कई पक्षी और जानवर भी घायल हुए हैं। हेल्पलाइन नंबरों पर की गई कॉलों के आंकड़ों के अनुसार, 336 पक्षी और 723 जानवर घायल हुए हैं।'