केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान।
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पश्चिम बंगाल में पीएम पोषण योजना में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा बयान आया है। प्रधान ने शनिवार को कहा कि केंद्र पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में मध्याह्न भोजन योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए जल्द ही एक टीम भेजी जाएगी। इसमें केंद्रीय अधिकारी, राज्य के अधिकारी और राज्य के विशेषज्ञ भी शामिल होंगे।
प्रधान ने कोलकाता में बंद कमरे में हुई भाजपा की संगठनात्मक बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि संयुक्त टीम में केंद्र और राज्य के अधिकारी शामिल होंगे और इसके आने की घोषणा जल्द की जाएगी।
शुभेंदु अधिकारी ने 5 जनवरी को प्रधान को लिखे एक पत्र में केंद्रीय शिक्षा मंत्री से मध्याह्न भोजन कोष के कथित बड़े पैमाने पर हेराफेरी की जांच के लिए एक केंद्रीय ऑडिट टीम भेजने का आग्रह किया था।
ममता बनर्जी सरकार ने हाल ही में राज्य द्वारा संचालित और सहायता प्राप्त स्कूलों के 11.6 मिलियन बच्चों के लिए सप्ताह में एक बार चावल, आलू, सोयाबीन और अंडे के मौजूदा मध्याह्न भोजन मेनू के अलावा चिकन और मौसमी फलों को सप्ताह में एक बार परोसे जाने के लिए अतिरिक्त 371 करोड़ रुपए आवंटित किए।
तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के हालिया दावे के बारे में पूछे जाने पर कि भाजपा के कई विधायक उनके संपर्क में हैं, प्रधान ने कहा कि टीएमसी इस तरह के दावे कर रही है क्योंकि वह समझती है कि भाजपा पश्चिम बंगाल के लोगों की पहली पसंद बन गई है। सत्ता खोने के डर से टीएमसी ने इस तरह के झूठ का सहारा लिया है।
बता दें कि टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव ने पिछले साल दिसंबर में नादिया जिले में एक जनसभा में दावा किया था कि भाजपा के कई विधायक उनके संपर्क में हैं।