पुलिस हिरासत में बांग्लादेशी अप्रवासी।
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दो बांग्लादेशी निकले अलकायदा के स्लीपर सेल
सांघवी ने कहा कि अप्रवासियों ने गुजरात आने से पहले भारत के विभिन्न हिस्सों में रहने के लिए पश्चिम बंगाल से प्राप्त फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया। इनमें से कई लोग मादक पदार्थ तस्करी और मानव तस्करी में संलिप्त हैं। हाल ही में गिरफ्तार किए गए चार बांग्लादेशियों में से दो अलकायदा के स्लीपर सेल में काम करते थे। इन बांग्लादेशियों की पृष्ठभूमि और गुजरात में उनकी गतिविधियों की जांच की जाएगी। इनके निर्वासन की सभी प्रक्रियाएं यथाशीघ्र पूरी करने के लिए व्यवस्था की गई है।
फर्जी दस्तावेजों की करेंगे जांच: सांघवी
गृह मंत्री ने कहा कि हम उन फर्जी दस्तावेजों की भी जांच करेंगे जिनका इस्तेमाल उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों और गुजरात तक पहुंचने के लिए किया और फर्जी दस्तावेज बनाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस को गुजरात भर में अवैध अप्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं और सुरक्षा पर कैबिनेट समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार पाकिस्तानी नागरिकों को गुजरात छोड़ने का स्पष्ट आदेश दिया गया है। मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल को इस बात का सबूत दिया जाएगा कि बंदियों ने राज्य में कैसे फर्जी दस्तावेज बनवाए?
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हिरासत में अवैध अप्रवासी।
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निर्वासन किया जाएगा: डीजीपी
गुजरात के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विकास सहाय ने कहा कि हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है तथा दस्तावेजी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उनकी राष्ट्रीयता का पता लगाया जा रहा है। जब यह तय हो जाएगा कि वे बांग्लादेशी नागरिक हैं, तो केंद्र सरकार और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के समन्वय से उनके निर्वासन की प्रक्रिया यथाशीघ्र पूरी की जाएगी।
अवैध प्रवासियों पर सख्ती का कारण
बता दें कि केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तानियों को जारी सभी वीजा रद्द कर दिए हैं। इसी नीति के आधार पर पाकिस्तान के लोगों को देश छोड़ने को कहा गया है।
सभी राज्यों में कार्रवाई के निर्देश
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी सभी राज्यों को निर्देश दिए हैं कि पाकिस्तान के लोगों की पहचान कर उन्हें देश से निकालने के लिए जरूरी कार्रवाई की जाए। अगर कोई पाकिस्तानी नागरिक सरकार के निर्देशों का उल्लंघन करते हुए निर्धारित समय से अधिक समय भारत में रुकता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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