12 अप्रैल, 1919 को रवींद्रनाथ टैगोर ने गांधीजी को एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने बापू को 'महात्मा' कहकर संबोधित किया था। हालांकि कुछ लोगों का मानना है कि 1915 में राजवैद्य जीवराम शास्त्री ने सबसे पहले गांधीजी को 'महात्मा' कहा था।
गांधीजी ऐसे बने थे राष्ट्रपिता
4 जून, 1944 को नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने सिंगापुर से रेडियो पर बापू के नाम एक संदेश दिया था, जिसमें उन्होंने गांधीजी को सबसे पहले राष्ट्रपिता कहकर संबोधित किया था। इसके बाद 1948 में भी बापू के देहांत के बाद देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भी रेडियो पर देश को संबोधित करते हुए कहा था 'राष्ट्रपिता अब नहीं रहे।'