Maharastra Politics: महाराष्ट्र कांग्रेस में राय बन रही है कि बीएमसी चुनाव में पार्टी को अकेले उतरना चाहिए। पूर्व सीएम पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि गठबंधन में सीटें छोड़ने से नुकसान हुआ है। मुंबई में अल्पसंख्यक, उत्तर और दक्षिण भारतीय वोट बैंक कांग्रेस से खिसक सकता है। सात जुलाई को पार्टी तय करेगी कि गठबंधन करे या अकेले चुनाव लड़े।
मुंबई में होने वाले महानगरपालिका (बीएमसी) चुनाव को लेकर कांग्रेस पार्टी में अलग-अलग राय सामने आ रही है। पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने मंगलवार को कहा कि पार्टी के भीतर बहुत मजबूत राय बन रही है कि कांग्रेस को इस चुनाव में किसी गठबंधन के बिना अकेले उतरना चाहिए। हालांकि, पार्टी ने साफ किया है कि इस पर अंतिम फैसला 7 जुलाई को होगा।
विज्ञापन
पृथ्वीराज चव्हाण ने आगे कहा कि विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को गठबंधन का नुकसान उठाना पड़ा। कुछ सहयोगी दलों ने ऐसी सीटों पर भी टिकट मांगे जहां उनका कोई जनाधार नहीं था। नतीजतन, वहां कांग्रेस कमजोर पड़ी और कई सीटें गंवानी पड़ीं। चव्हाण ने कहा कि BMC चुनाव में ऐसा दोहराया गया तो पार्टी का और बड़ा नुकसान हो सकता है।
मुंबई में कांग्रेस का वोट बैंक हो रहा कमजोर?
चव्हाण ने चिंता जताई कि मुंबई में अल्पसंख्यक, उत्तर भारतीय और दक्षिण भारतीय वोट बैंक पर कांग्रेस की पकड़ ढीली पड़ रही है। उन्होंने कहा कि ये समुदाय परंपरागत रूप से कांग्रेस समर्थक रहे हैं, लेकिन यदि पार्टी ने सही रणनीति नहीं अपनाई तो ये वोट दूसरे दलों में जा सकते हैं। इसी वजह से बड़ी संख्या में नेता चाहते हैं कि कांग्रेस अकेले चुनाव लड़े।
निकाय चुनावों में महायुति से नहीं होगा कोई गठबंधन
पूर्व मुख्यमंत्री ने साफ किया कि कांग्रेस किसी भी सूरत में महायुति के किसी घटक दल से गठबंधन नहीं करेगी। महायुति में शामिल दल भी अलग-अलग चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं। चव्हाण ने कहा कि स्थानीय निकाय चुनाव में भी कांग्रेस केवल महा विकास आघाड़ी (MVA) और समान विचारधारा वाले दलों के साथ ही गठबंधन करेगी।
सात जुलाई को दिल्ली में होगा अंतिम फैसला
चव्हाण ने कहा कि सोमवार को दिल्ली में हुई बैठक में नेताओं की राय ली गई, लेकिन अंतिम फैसला दिल्ली में पार्टी की गठबंधन समिति ही लेगी। उन्होंने अपनी निजी राय पार्टी नेतृत्व को बता दी है, लेकिन सार्वजनिक रूप से उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार किया।
मुंबई में कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर
BMC चुनाव मुंबई की राजनीति में कांग्रेस की साख के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। पार्टी के कई नेता मानते हैं कि अगर कांग्रेस अकेले दम पर मैदान में उतरती है तो अपनी खोई साख वापस पा सकती है। अब सभी की नजर 7 जुलाई पर टिकी है, जब पार्टी तय करेगी कि वह गठबंधन करेगी या अकेले चुनाव लड़ेगी।