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Kolkata Rape Case: कोर्ट ने तीनों मुख्य आरोपियों को आठ जुलाई तक बढ़ाई पुलिस हिरासत, गार्ड को भी नहीं मिली राहत

Tue, 01 Jul 2025 09:26 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता।

सार

Kolkata Rape Case: कोलकाता के सामूहिक दुष्कर्म मामले में अलीपुर कोर्ट ने तीनों मुख्य आरोपियों और सिक्योरिटी गार्ड की पुलिस हिरासत को बढ़ा दिया है। कोर्ट ने सिक्योरिटी गार्ड की जमानत अर्जी भी खारिज की। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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कोलकाता के कथित दुष्कर्म के मामले में अलीपुर कोर्ट ने तीनों मुख्य आरोपियों की पुलिस हिरासत आठ जुलाई तक बढ़ा दी है। इसके अलावा, सिक्योरिटी गार्ड को चार जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा गया है। 

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आरोपियों को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था और शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया था, जहां उन्हें पहले चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया था। मंगलवार को जब इन्हें अलीपुर कोर्ट में फिर से पेश किया गया, तो अदालत ने उनकी पुलिस हिरासत 8 जुलाई तक बढ़ा दी।कॉलेज के एक सिक्योरिटी गार्ड को भी शनिवार को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था। उसे पहले मंगलवार तक की हिरासत में भेजा गया था। अब उसकी पुलिस हिरासत 4 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। शुरुआती रिमांड खत्म होने के बाद चारों आरोपियों को अलीपुर कोर्ट में पेश किया गया। अदालत ने जांचकर्ताओं को और पूछताछ की अनुमति देते हुए सभी की पुलिस हिरासत बढ़ा दी।

सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी मनोजित मिश्रा और अन्य दो छात्रों जैब अहमद और प्रोमित मुखर्जी के वकीलों ने अदालत में जमानत की अर्जी नहीं दी। बल्कि उन्होंने कहा कि आरोपी जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं और सच्चाई सामने लाने में मदद करने को तैयार हैं। वकीलों ने यह भी आग्रह किया कि जब तक आरोप साबित न हो जाएं, तब तक कोई मीडिया ट्रायल न हो और आरोपियों के साथ अन्याय न हो।
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वकीलों ने अदालत से यह भी आग्रह किया कि उन्हें आरोपियों के साथ अपराध स्थल पर जाने और पूछताछ के समय मौजूद रहने की अनुमति दी जाए। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि भले ही आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए गए हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि क्या शिकायतकर्ता (पीड़िता) का मोबाइल भी जांचा गया है या नहीं।

लोक अभियोजक और जांच अधिकारी ने अदालत से आरोपियों से आगे की पूछताछ के लिए अधिक समय मांगा था, जिसके आधार पर पुलिस हिरासत बढ़ाई गई। सिक्योरिटी गार्ड के वकील ने जमानत की मांग करते हुए कहा कि उसके मुवक्किल का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है और उसने ड्यूटी नहीं छोड़ी थी। उन्होंने यह भी कहा कि गार्ड की आय बहुत कम है और वह इस अपराध में किसी भी तरह से शामिल नहीं था। हालांकि, कोर्ट ने जमानत की मांग खारिज कर दी और उसकी हिरासत भी बढ़ा दी।

इससे पहले सुनवाई कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी, क्योंकि सैकड़ों वकील कोर्ट रूम में आ गए थे, जो इस मामले से जुड़े नहीं थे।वकीलों के दो समूहों में तीखी बहस हुई। एक पक्ष आरोपियों को सख्त सजा देने की मांग कर रहा था, जबकि दूसरा पक्ष निष्पक्ष जांच और बाहरी लोगों की कोर्ट में एंट्री का विरोध कर रहा था।
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क्या है पूरा मामला
24 वर्षीय पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उसके साथ कॉलेज परिसर में दो सीनियर छात्रो और एक पूर्व छात्र (एलुमनस) ने  गार्ड रूम में सामूहिक दुष्कर्म किया। इसके बाद पीड़िता की शिकायत के आधार पर पहले ही तीन मुख्य आरोपियों - मनोजित मिश्रा, प्रोमित मुखर्जी और जैब अहमद- को गिरफ्तार किया गया। बाद में सिक्योरिटी गार्ड को भी गिरफ्तार कर लिया गया, जो घटना के समय मौके पर मौजूद था। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गार्ड की बातों में विरोधाभास था और कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज में उसकी मौजूदगी साफ देखी जा सकती है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वह घटना के समय ड्यूटी पर अकेला था या किसी और के साथ।

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