महाराष्ट्र के लातूर जिले की एक अदालत ने एक सरकारी कर्मचारी को रिश्वत लेने के मामले में तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला लातूर जिला स्टाम्प कार्यालय के क्लर्क विष्णु तुलसीदास काले से जुड़ा है, जिसने एक व्यक्ति से सिर्फ एक रसीद जारी करने के लिए 1,000 रुपये रिश्वत मांगी थी, जबकि स्टाम्प शुल्क पहले ही चालान के जरिए जमा किया जा चुका था।
बता दें कि यह घटना 13 दिसंबर 2016 की है, जब शिकायतकर्ता ने अहमदपुर एमआईडीसी के साथ लीज डीड के लिए दस्तावेज जमा किए थे। शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) से संपर्क किया और काले को रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। इसके बाद उसके खिलाफ शिवाजीनगर पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज हुआ।