बुलढाणा में रेस्तरां में लगी आग, कोई हताहत नहीं
इस बीच बुलढाणा जिले में शुक्रवार सुबह भीषण आग लगने से एक रेस्तरां जलकर खाक हो गया। रायपुर थाने के एक अधिकारी ने बताया कि आग चिखली तालुका के सैलानी इलाके में बस स्टैंड के पास स्थित एक रेस्तरां में सुबह करीब चार बजे लगी थी और घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। आग में रेस्तरां पूरी तरह जलकर राख हो गया। उन्होंने बताया कि बुलढाणा और चिखली से दमकल की गाड़ियों को मौके पर भेजा गया और आग को बुझा लिया गया।
सितंबर में हुई बारिश से महाराष्ट्र के नांदेड़ में 812 करोड़ रुपये की फसल बर्बाद हो गई। जिला प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट में यह जिक्र किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि मराठवाड़ा क्षेत्र के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हुई। इसके चलते किसानों को नुकसान का सामना करना पड़ा। नांदेड़ के 62 राजस्व मंडल अत्यधिक बारिश से प्रभावित हुए। जिला प्रशासन द्वारा फसल के नुकसान का सर्वेक्षण किया गया और रिपोर्ट संभागीय आयुक्त को भेज दी गई। सर्वे के आधार पर जिला प्रशासन ने जिले के 9,83,915 किसानों की 5.96 लाख हेक्टेयर भूमि पर फसल के नुकसान के लिए 812.38 करोड़ रुपये की मांग की है।
महाराष्ट्र के नासिक जिले में शुक्रवार को पुलिसकर्मियों की वैन एक ट्रक से टकरा गई। इसमें 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए। इनमें से एक गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना चंदवाड तालुका में मुंबई-आगरा राष्ट्रीय राजमार्ग पर राहुद घाट पर हुई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि नासिक ग्रामीण के बारह पुलिसकर्मी एक कार्यक्रम में सुरक्षा ड्यूटी के लिए मालेगांव जा रहे थे। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और अजित पवार शामिल होने वाले थे। पुलिसकर्मियों की वैन ने पीछे से एक ट्रक को टक्कर मार दी। 12 पुलिसकर्मी घायल हो गए। गंभीर रूप से घायल हुए कर्मियों को नासिक स्थानांतरित कर दिया गया। जबकि मामूली घावों वाले अन्य लोगों का चंदवाड उप-जिला अस्पताल में इलाज किया गया। ट्रक चालक मौके से भाग गया और उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। आगे की जांच जारी है।
अहमदनगर का नाम बदलकर अहिल्यानगर करने के लिए केंद्र की मंजूरी मिली: विखे पाटिल
राज्य के राजस्व मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने शुक्रवार को कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने महाराष्ट्र में अहमदनगर जिले का नाम बदलकर अहिल्यानगर करने की मंजूरी दे दी है। उन्होंने कहा कि अहमदनगर का नाम बदलने का निर्णय इस साल मार्च में राज्य कैबिनेट ने लिया था और केंद्र से मंजूरी मांगी थी। उन्होंने कहा, इंदौर की 18वीं सदी की शासक अहिल्याबाई होल्कर इसी जिले से थीं। इससे पहले एकनाथ शिंदे सरकार ने औरंगाबाद और उस्मानाबाद का नाम बदलकर क्रमश: छत्रपति संभाजीनगर और धाराशिव कर दिया था।