दावेदारों की ओर से पेश हुए अधिवक्ता पीएम टिल्लू ने न्यायाधिकरण को बताया कि 18 दिसंबर, 2018 को एक ट्रक ने टेम्पो ट्रैवलर को टक्कर मार दी थी, जिसमें पीड़ित और उनके परिवार भुसावल में एक शादी में जा रहे थे। इस दुर्घटना में खान और मलक की मौत हो गई।
महाराष्ट्र के ठाणे में मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (एमएसीटी) ने दुर्घटना के एक मामले में मारे गए दो लोगों को परिजनों को 20-20 लाख रुपये से ज्यादा का मुआवजा देने का आदेश दिया है। एमएसीटी के अध्यक्ष एस बी अग्रवाल ने फिरोज खान राशिद खान (33) और महबूब मलक (50) के परिजनों को 22.2 और 24.1 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। साल 2018 में इन दोनों की शादी समारोह में जाते समय एक दुर्घटना में जान चली गई थी।
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एमएसीटी ने परिजनों को मुआवजा देने का आदेश दिया
एमएसीटी ने 12 अगस्त को को यह आदेश जारी किया। आदेश में कहा गया है कि भविष्य की संभावनाओं को छोड़कर मुआवजे की राशि पर 7.5 प्रतिशत की ब्याज दर लागू होगी। दावेदारों की ओर से पेश हुए अधिवक्ता पीएम टिल्लू ने न्यायाधिकरण को बताया कि 18 दिसंबर, 2018 को एक ट्रक ने टेम्पो ट्रैवलर को टक्कर मार दी थी, जिसमें पीड़ित और उनके परिवार भुसावल में एक शादी में जा रहे थे। इस दुर्घटना में खान और मलक की मौत हो गई। न्यायाधिकरण के फैसले ने मामले को 'संयुक्त लापरवाही' का मामला करार दिया, क्योंकि दोनों वाहनों का बीमा एक ही कंपनी ने किया था और मृतक यात्री थे। न्यायाधिकरण ने टेम्पो मालिक नलिनी विलास पाटिल और ट्रक मालिक निशा नरेश अग्रवाल को मुआवज़ा देने के लिए उत्तरदायी ठहराया। मालिक सुनवाई के लिए उपस्थित नहीं हुए, जिसके परिणामस्वरूप उनके खिलाफ एकतरफा फैसला सुनाया गया।
ठाणे न्यायालय अधीक्षक के कार्यालय से अनधिकृत कॉल करने पर FIR
ठाणे जिला न्यायालय अधीक्षक द्वारा पुलिस से शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि किसी ने कथित तौर पर उनके कार्यालय के टेलीफोन का इस्तेमाल अनधिकृत कॉल करने के लिए किया था। अधिकारी ने बताया कि 16 से 23 अगस्त के बीच आठ मोबाइल नंबर्स पर कॉल की गई। अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने धोखाधड़ी से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318 (2) और 319 (पहचान बदलकर धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच चल रही है।