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महाराष्ट्र: स्कूलों में हाजिरी अनिवार्य की तो शिक्षक बोले-लोकल में सफर की इजाजत व टीकों में प्राथमिकता दें

Wed, 16 Jun 2021 07:57 PM IST
सुरेंद्र जोशी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

महाराष्ट्र सरकार ने स्कूल शिक्षकों को आदेश दिया है कि वे रोज विद्यालयों में जाएं। इस आदेश से शिक्षकों में रोष है। वे टीके लगाने व लोकल में सफर की इजाजत मांग रहे हैं। 
 
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विस्तार
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महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को रोज विद्यालय में पहुंचने का आदेश दिया है। इससे शिक्षकों में असंतोष है। उन्होंने कहा है कि मुंबई की लोकल ट्रेनों में सफर की इजाजत व कोरोना रोधी टीके लगाने में उन्हें वरीयता मिलना चाहिए। इसके बगैर उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ेगा। 

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ज्ञात हो कि महाराष्ट्र सरकार ने सोमवार को एक सर्कुलर जारी कर कक्षा पहली से नवीं तक के बच्चों की आनलाइन पढ़ाई शुरू करने का आदेश दिया है। इसके लिए सरकारी स्कूल के 50 फीसदी शिक्षकों को स्कूल अनिवार्य रूप से जाने का आदेश दिया गया है। इसी तरह कक्षा 10 वीं व जूनियर कॉलेज के 100 फीसदी शिक्षकों को स्कूल पहुंचने का आदेश दिया गया है। शिक्षकों को स्कूल इसलिए भी जाने को कहा गया है, ताकि जून अंत तक कक्षा 10 वीं के रिजल्ट घोषित किए जा सकें। 

विदर्भ में आदेश 26 जून से लागू होगा
महाराष्ट्र सरकार का शिक्षकों संबंधी यह आदेश 15 जून से लागू किया गया है, हालांकि विदर्भ क्षेत्र में यह 26 जून से प्रभावी होगा। महाराष्ट्र के सरकारी अनुदान प्राप्त व गैर अनुदान प्राप्त स्कूल कार्य समिति की मुंबई इकाई के अध्यक्ष संजय दवारे ने बुधवार को कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षकों संबंधी आदेश आधे-अधूरे मन से जारी किया है। हमने टीकाकरण में शिक्षकों को प्राथमिकता देने की मांग की थी, लेकिन इस बारे में सरकार ने कुछ नहीं कहा। 
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इसी तरह मुंबई क्षेत्र के शिक्षकों ने लोकल ट्रेनों में सफर की इजाजत मांगी थी, लेकिन उस बारे में भी कोई आदेश नहीं दिया गया। ऐसे में शिक्षक स्कूलों में कैसे पहुंचेंगे? यदि वे लोकल ट्रेनों में नहीं बैठ सकेंगे तो वे स्कूल तक कैसे जाएंगे।  दवारे ने कहा कि एक ओर सरकार चाहती है कि रिजल्ट समय पर घोषित किया जाए ताकि विद्यार्थी प्रभावित न हों, लेकिन दूसरी ओर वह शिक्षकों को लोकल ट्रेनों में सफर की इजाजत नहीं दे रही है। 

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