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महाराष्ट्र: 'हम कहीं नहीं जा रहे, साथ आना है तो आइए'; शरद पवार ने राजनीतिक गठजोड़ की अटकलों को किया खारिज

Mon, 28 Sep 2026 07:04 PM IST
शिवम गर्ग पीटीआई, मुंबई

सार

शरद पवार ने एनसीपी (एसपी) के सत्ता पक्ष के साथ जाने की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी कहीं नहीं जा रही। उन्होंने दूसरे गुट के नेताओं को साथ आने का न्योता दिया। साथ ही सूखा राहत को लेकर सरकार को आंदोलन की चेतावनी दी। आखिर क्या है पूरा मामला? 
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शरद पवार, एनसीपी-एसपी प्रमुख - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने सोमवार को अपनी पार्टी के सत्ता पक्ष के साथ जाने की अटकलों को खारिज कर दिया। मुंबई में पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बैठक को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि उनकी पार्टी कहीं नहीं जा रही है और किसी के साथ नहीं जाएगी। उन्होंने कहा "हम कहीं नहीं जा रहे हैं। हम किसी के साथ नहीं जाएंगे। अगर आप आना चाहते हैं तो हमारे साथ आइए।"

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NCP के दोनों गुटों के विलय की चर्चा फिर तेज
शरद पवार के बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में राकांपा के दोनों गुटों के संभावित विलय को लेकर चर्चा फिर शुरू हो गई है। एनसीपी (एसपी) महा विकास आघाड़ी का हिस्सा है, जिसमें उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूटीबी) और कांग्रेस भी शामिल हैं। वहीं, सुनेत्रा पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी महाराष्ट्र की महायुति सरकार का हिस्सा है। दोनों गुटों के एक साथ आने की अटकलें समय-समय पर सामने आती रही हैं।

एनसीपी (एसपी) की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष शशिकांत शिंदे ने बाद में पत्रकारों से कहा कि शरद पवार ने पार्टी का रुख स्पष्ट कर दिया है। उनके मुताबिक, एकीकरण तभी संभव है जब महायुति सरकार का हिस्सा दूसरा गुट एनसीपी (एसपी) में विलय करे।
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सूखे को लेकर सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने की चेतावनी
बैठक में शरद पवार ने महाराष्ट्र में सूखे की स्थिति का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि पार्टी सरकार से टकराव नहीं चाहती और पहले किसानों के लिए राहत की मांग करेगी। अगर अगले दो से चार दिनों में मांगें नहीं मानी गईं तो पार्टी सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी। पवार ने सरकार से सूखे से प्रभावित किसानों को मदद देने और उपलब्ध राहत योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुंचाने की अपील की।

महाराष्ट्र सरकार ने 26 सितंबर को राज्य के 358 में से 265 तालुकाओं में सूखा घोषित किया था। यह राज्य के करीब 74 फीसदी तालुकाओं को प्रभावित करता है। सरकार ने फसल ऋण के पुनर्गठन, भू-राजस्व में रियायत और कृषि संबंधी बिजली बिलों में राहत समेत कई उपायों की घोषणा की है।

कई तालुके अभी भी राहत के दायरे से बाहर: पवार
शरद पवार ने कहा कि 265 तालुकाओं को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है, लेकिन कई अन्य क्षेत्र अभी भी इसके दायरे में नहीं आए हैं। उन्होंने केले की खेती करने वाले किसानों को राहत में शामिल नहीं किए जाने का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने पुराने सूखा राहत प्रयासों का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों को प्रभावित किसानों तक सहायता पहुंचाने के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।

किसानों को कर्ज और राहत योजनाओं की जानकारी देने की बात
पवार ने कहा कि किसानों को यह भी बताया जाना चाहिए कि जिन लोगों पर पुराने कर्ज बकाया हैं, उन्हें नया ऋण लेने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने राहत उपायों और सरकारी योजनाओं के बारे में किसानों के बीच जागरूकता बढ़ाने की जरूरत बताई।

चुनाव और AI को लेकर भी बोले शरद पवार
बैठक में पवार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के बढ़ते इस्तेमाल पर भी बात की। उन्होंने कहा कि तकनीक कई समस्याओं को हल करने में मदद कर सकती है और पार्टी कार्यकर्ताओं को इसके प्रभाव को समझना चाहिए। उन्होंने चुनावों में एआई के संभावित इस्तेमाल का भी उल्लेख किया और बताया कि उन्होंने पार्टी नेताओं से इस विषय पर हो रहे घटनाक्रम और इससे जुड़े लेखों का अध्ययन करने को कहा है। बैठक में एनसीपी (एसपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले, प्रदेश अध्यक्ष शशिकांत शिंदे, विधायक दल के नेता जितेंद्र आव्हाड, पूर्व मंत्री अनिल देशमुख और विधायक रोहित पवार समेत कई नेता मौजूद रहे।

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