पुणे की दत्तावाड़ी पुलिस ने एक जाट पंचायत के पांच सदस्यों के खिलाफ अंतरजातीय विवाह को लेकर एक परिवार का कथित रूप से बहिष्कार करने के आरोप में मामला दर्ज किया है। एक पुलिस अधिकारी ने बुधवार को यह जानकारी दी।
पुणे शहर की पुलिस ने पिछले महीने एक शादी समारोह के दौरान अपने ही समुदाय के एक परिवार का कथित रूप से सामाजिक बहिष्कार करने के आरोप में 'वीरशैव लिंगायत गवली समाज' की जाट पंचायत के पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मामले में गवलीवाडा खडकी निवासी रामचंद्र भाऊसाहेब पंगुडवाले (69) ने सोमवार को दत्तावाड़ी थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
शिकायत के आधार पर, पुलिस ने अर्जुन रामचंद्र जानगवली, हरिभाऊ हिरणवाले, चंद्रकांत उर्फ बालु औरंगे और दो अन्य सहित पांच लोगों के खिलाफ महाराष्ट्र सामाजिक बहिष्कार से लोगों का संरक्षण (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पंगुडवाले लिंगायत गवली समुदाय से आते हैं। उनके बेटे ने कुछ साल पहले दूसरी जाति की एक महिला से शादी की थी, जिसके कारण उनके समुदाय की 'जाट पंचायत' ने कथित तौर पर उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया था।
प्राथमिकी के अनुसार, लिंगायत गवली समुदाय के संजय नायकू ने 27 नवंबर को अपने बेटे की सगाई का आयोजन अरणेश्वर गवलीवाड़ा में किया था जिसमें पंगुडवाले परिवार को भी आमंत्रित किया गया था।
लेकिन जब पंगुडवाले, उनकी पत्नी और बेटा कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे, तो आरोपी व्यक्तियों ने उनकी उपस्थिति पर आपत्ति जताई। आरोप के अनुसार, आरोपियों ने सगाई समारोह के दौरान परिवार का "सामाजिक बहिष्कार" किया और उनका अपमान किया, जिससे उन्हें कार्यक्रम स्थल छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। सामाजिक बहिष्कार की घटनाओं के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाली महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (एमएएनएस) की एक वरिष्ठ कार्यकर्ता नंदिनी जाधव ने कहा, "पंगुडवाले ने इस संबंध में दत्तावाड़ी पुलिस स्टेशन में चार दिसंबर को एक शिकायत आवेदन दिया था। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई नहीं की।"