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महाराष्ट्र: गर्भवती महिला को आरपीएफ जवान ने मौत के मुंह से बचाया, पढ़ें पांच खबरें

Wed, 20 Oct 2021 06:35 AM IST
योगेश साहू एजेंसी, ठाणे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
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महाराष्ट्र के कल्याण रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश में एक गर्भवती महिला को पटरी पर गिरने से आरपीएफ जवान ने बचा लिया। गलत ट्रेन में चढ़ने के कारण महिला उस वक्त ट्रेन से उतरने लगी जब ट्रेन चलने लगी। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वो प्लेटफॉर्म और ट्रेन के दरवाजे के बीच खाली जगह में गिर गई।

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पुणे जमीन घोटाले में ईडी का सहयोग करेंगी मंदाकिनी खड़से

एनसीपी के नेता एकनाथ खड़से की पत्नी मंदाकिनी खड़से के वकील ने आश्वस्त किया है कि वे पुणे जमीन घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को जांच में पूरा सहयोग करेंगी। अधिवक्ता मोहन टेकवाड़े ने बताया कि ईडी को जांच में सहयोग के लिए उनके साथ मंदाकिनी खड़से भी जांच एजेंसी के दफ्तर पहुंची हैं।

डॉक्टर ने पथरी की जगह निकाली किडनी, 11 लाख हर्जाना

यहां की उपभोक्ता अदालत ने एक मरीज की मौत के कारण अस्पताल को उसके परिजनों को 11.23 लाख रुपये हर्जाना अदा करने का आदेश दिया है। दरअसल अस्पताल के डॉक्टरों ने उस मरीज की पथरी की जगह किडनी निकाल ली, जिसके कारण चार माह बाद उसकी मौत हो गई थी।

अदालत ने अस्पताल को ब्याज सहित यह रकम चुकाने को कहा है। अदालत ने धर्मार्थ संस्था द्वारा चलाए जा रहे बालासिनोर के केएमजी अस्पताल को चिकित्सकीय लापरवाही का जिम्मेदार ठहराते हुए यह फैसला सुनाया है। उपभोक्ता अदालत ने माना डॉक्टर के साथ अस्पताल भी लापरवाही के लिए जिम्मेदार है।

पीएम पर आपत्तिजनक टिप्पणी पर कर्नाटक कांग्रेस ने मांगी माफी

कर्नाटक में 30 अक्तूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनाव को लेकर राज्य में प्रचार के साथ भाजपा और कांग्रेस के बीच वाकयुद्ध भी तेज हो गया है। इस बीच कर्नाटक कांग्रेस ने मंगलवार को अपने उस ट्वीट के हटा लिया, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अंगूठा छाप बताया था।

कांग्रेस ने अब इस पर खेद  जताया है। कर्नाटक कांग्रेस के  प्रमुख डीके शिवकुमार ने कहा, कर्नाटक कांग्रेस के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से नौसिखिए सोशल मीडिया मैनेजर की ओर से किया गया एक असभ्य ट्वीट खेदजनक है और वापस ले लिया गया है।
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कोयला आपूर्ति में बिजली क्षेत्र को दी अस्थायी प्राथमिकता: कोल इंडिया

सरकारी कंपनी कोल इंडिया लि (सीआईएल) ने मंगलवार को कहा है कि बिजली उत्पादकों को कोयला आपूर्ति में अस्थायी प्राथमिकता दी गई है ताकि वे अपने घटते भंडार की भरपाई कर सकें। ईंधन की कमी से जूझते बिजली संयंत्रों की मौजूदा स्थिति के मद्देनजर यह बयान महत्वपूर्ण है। कंपनी का कहना है, कोरोना की दूसरी लहर के बाद आर्थिक गतिविधियों में तेज उछाल के कारण बिजली संयंत्रों में आई कोयले की कमी को देखते हुए इसकी आपूर्ति के लिए बिजली क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई।

कम से कम समय में भरपाई के लिए कंपनियों को सलाह दी गई कि बिजली क्षेत्र के लिए विशेष फॉरवर्ड ई-नीलामी को छोड़कर आगे कोयले की ई-नीलामी को अस्थायी तौर पर धीमा कर दें।  बयान के मुताबिक, यह उपाय विद्युत क्षेत्र में फिलहाल ऊंची मांग से निपटने के लिए किया गया है और जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।

कोयला मंत्री ने ढूंढे भंडार सुधारने के रास्ते, उत्पादन बढ़ाने के निर्देश
उधर, कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी ने मंगलवार को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और ऊर्जा मंत्री आरके सिंह के साथ थर्मल पावर प्लांटों में कोयला भंडार सुधारने के तरीकों पर चर्चा की। जोशी ने कोल इंडिया की शाखा नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लि (एनसीएल) के प्रदर्शन की समीक्षा कर कोयला उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए।
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