मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए पैसे बांटने का आरोप को लेकर भाजपा नेता विनोद तावड़े ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सुप्रिया श्रीनेत को कानूनी नोटिस भेजा है। इस नोटिस में तावड़े के हवाले से कहा गया है कि ये तीनों नेता उनसे 24 घंटे के भीतर माफी मांगे नहीं तो उन्हें 100 करोड़ रुपये के मानहानि के दावे का सामना करना पड़ेगा। इस नोटिस को लेकर खुद भाजपा नेता विनोद तावड़े ने जानकारी दी है।
तावड़े पर महाराष्ट्र की क्षेत्रीय पार्टी बहुजन विकास आघाड़ी ने मतदाताओं को लुभाने के लिए पांच करोड़ रुपये बांटने का आरोप लगाया था। पार्टी के कार्यकर्ता 19 नवंबर को मुंबई के एक होटल में तावड़े के कमरे में जबरन घुस गए थे। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तावड़े ने खुद को निर्दोष बताते हुए कहा कि चुनाव आयोग और पुलिस की जांच में कथित रकम बरामद नहीं हुई। कांग्रेस केवल झूठ फैलाने में विश्वास करती है और यह घटना मेरी व मेरी पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने के लिए विपक्षी दल की निम्न स्तर की राजनीति का सबूत है। खरगे, राहुल और कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने तावड़े के बहाने भाजपा पर राज्य में 20 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव को प्रभावित करने के लिए धनबल का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था।
खरगे, राहुल और सुप्रिया को भेजे कानूनी नोटिस में दावा किया गया है कि इन लोगों को पता था कि वे खुद की गढ़ी गई ‘झूठी कहानी’ को फैला रहे हैं। नोटिस के मुताबिक कि आप (राहुल, खरगे, सुप्रिया) सभी ने जानबूझकर हमारे मुवक्किल की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के एकमात्र इरादे से जानबूझकर पैसे बांटने की कहानी गढ़ी। आप सभी ने समाज में सही सोच रखने वाले लोगों की नजर में उनकी (तावड़े की) छवि को खराब करने के लिए विभिन्न मीडिया पर झूठे और निराधार आरोप प्रकाशित किए। नोटिस में कहा गया कि कांग्रेस के नेता तावड़े की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए ‘बहुत जल्दी’ में थे और उन्होंने तथ्यों की जांच करने की जहमत भी नहीं उठाई या फिर सभी तथ्यों को जानने के बावजूद उन्होंने झूठे, निराधार आरोप लगाए।
तो शुरू करेंगे दीवानी कार्रवाई
कांग्रेस नेताओं को नोटिस मिलने के 24 घंटे के अंदर ‘बिना शर्त माफी’ मांगने को कहा गया है। नोटिस 21 नवंबर को भेजा गया था और समाचार पत्रों में प्रकाशित व ‘एक्स’ पर पोस्ट किया गया था। नोटिस के मुताबिक, यदि राहुल, खरगे, सुप्रिया माफी नहीं मांगते हैं तो तावड़े भारतीय न्याय संहिता की धारा 356 (मानहानि से संबंधित) के तहत आपराधिक कार्रवाई और तीनों कांग्रेस नेताओं के खिलाफ 100 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति के लिए दीवानी कार्रवाई भी शुरू करेंगे।
नोटिस में क्या बोले विनोद तावड़े
नोटिस में तावड़े ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे, निराधार और गलत इरादे से लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि वह नकदी के बदले वोट विवाद में उनके खिलाफ दिए गए बयानों के लिए इन तीनों नेताओं से माफी मांगने की मांग करते हैं। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो वह उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही करने के लिए मजबूर होंगे। भाजपा नेता ने अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर भी कानूनी नोटिस का स्क्रीनशॉट शेयर किया है। साथ ही उन्होंने कांग्रेस पर झूठ फैलाने और अपनी निम्न-स्तरीय राजनीति से देश को गुमराह करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस का एकमात्र एजेंडा झूठ फैलाना
विनोद तावड़े ने इसके साथ ही कहा कि कांग्रेस का एकमात्र एजेंडा झूठ फैलाना है। मैंने नालासोपारा मामले में निराधार आरोपों के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी और उनकी पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। मेरी और भाजपा की छवि खराब करने की उनकी कोशिशों के बावजूद, सच्चाई साफ है। मामले में जिन पांच करोड़ रुपयों की बात की जा रही है वे चुनाव आयोग और पुलिस की जांच में कभी बरामद नहीं हुए। उन्होंने कहा कि यह मामला कांग्रेस की निम्न-स्तरीय राजनीति और देश को गुमराह करने की उनकी हताश कोशिशों को दिखाता है। साथ ही इससे पता चलता है कि भाजपा सच्चाई और लोगों के विश्वास के साथ मजबूती से खड़ी है।
क्या है मामला
विधानसभा चुनाव के मतदान से पहले भाजपा पर पैसे बांटने का आरोप लगाते हुए बहुजन विकास अघाड़ी के नेता हितेंद्र ठाकुर ने कहा कि, यहां चुनाव आयुक्त ने पैसों से भरा एक बैग और डायरियां बरामद की हैं। इसमें नामों की एक सूची है, जिसमें बताया गया है कि किसको कितना पैसा दिया गया है। एक भाजपा नेता ने मुझे बताया कि 5 करोड़ रुपये लाए गए हैं। कलेक्टर ने मुझे बताया है कि मुझे प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की भी अनुमति नहीं है। मुझ पर बहुत दबाव है। इन आरोपों के बीच एक चुनाव अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि होटल के कमरों से 9.93 लाख रुपये नकद बरामद किए गए।
विनोद तावड़े ने किया था ये दावा
हालांकि विनोद तावड़े ने पैसे बांटने के आरोपों से साफ इनकार कर दिया और कहा कि वह सिर्फ चुनाव को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं को दिशा-निर्देश देने होटल पहुंचे थे। तावड़े ने कहा कि 'द विवांता होटल (पालघर के विरार में स्थित) के मालिक ठाकुर हैं और मैं बेवकूफ नहीं हूं जो उनके होटल में जाकर पैसे बांटूंगा।' भाजपा नेता ने कहा कि 'वह बीते 40 वर्षों से राजनीति में हैं और चुनाव को लेकर नियमों और दिशा-निर्देशों से अच्छी तरह वाकिफ हैं। मैं सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं से बातचीत करने गया था, मैं कोई प्रचार नहीं कर रहा था।'
पुलिस ने दर्ज की हैं दो एफआईआर
पुलिस ने इस मामले में तावड़े और भाजपा उम्मीदवार राजन नाईक के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की हैं। घटना के बाद विनोद तावड़े ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी चाही थी, जिसे चुनाव आयोग ने रोक दिया था। इस मामले में भी तावड़े के खिलाफ चुनाव आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है।