मराठा आरक्षण मनोज जरांगे ने सोमवार को दावा किया कि कांग्रेस मराठा समुदाय में रुचि नहीं रखती और इसलिए वह महाराष्ट्र चुनाव में इसका परिणाम भुगतेगी।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हाल के लोकसभा चुनावों में मराठा लोगों से वोट लिया। अब वे हमारे हितों के खिलाफ बोल रहे हैं। उन्हें विधानसभा चुनावों में इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।
मराठा आरक्षण मनोज जरांगे ने सोमवार को दावा किया कि कांग्रेस मराठा समुदाय में रुचि नहीं रखती और इसलिए वह महाराष्ट्र चुनाव में इसका परिणाम भुगतेगी।
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अनशन के तीसरे दिन जालना के अंतरवली सारथी गांव में अनशन पर बैठे मनोज जरांगे मराठों के लिए अन्य पिछड़ा समुदाय (ओबीसी) का दर्जा और पात्र कुनबी मराठों के रक्त संबंधियों को प्रमाण पत्र जारी करने के लिए राज्य सरकार द्वारा इस साल की शुरुआत में जारी मसौदा अधिसूचना के क्रियान्वयन की मांग कर रहे हैं। जालना के नवनिर्वाचित सांसद कल्याण काले सोमवार को गांव पहुंचे, वहां उन्होंने जरांगे से मुलाकात की।
कुनबी एक कृषि समूह है, जो ओबीसी श्रेणी में आता है। जरांगे मांग कर रहे हैं कि सभी मराठों को कुनबी प्रमाण पत्र जारी किए जाएं। जिससे वे कोटा लाभ के पात्र बन सकें। आरक्षण आंदोलन का चेहरा जरांगे ने कहा कि जब तक मराठा आरक्षण नहीं मिल जाता, मैं हार नहीं मानूंगा। बता दें कि इससे पहले जरांगे ने 10 से 26 फरवरी के बीच कोटा मुद्दे पर आंदोलन किया था। 20 फरवरी को महाराष्ट्र सरकार ने सर्वसम्मति से एक अलग श्रेणी के तहत शिक्षा और सरकारी नौकरियों में मराठों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण प्रदान करने वाला विधेयक पारित किया था।
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जिसमें कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने ओबीसी के हिस्से से समुदाय को आरक्षण देने का विरोध किया था। वहीं मनोज जरांगे से वडेट्टीवार की टिप्पणियों के बारे में पूछा गया, तब उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने हाल के लोकसभा चुनावों में मराठा लोगों से वोट लिया। अब वे हमारे हितों के खिलाफ बोल रहे हैं। उन्हें विधानसभा चुनावों में इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।
बता दें कि हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में, कांग्रेस ने विपक्षी गठबंधन के हिस्से के रूप में राज्य में 17 सीटों पर चुनाव लड़ा, जिसमें से 13 पर जीत हासिल की। जारांगे ने मराठों के कुनबी अभिलेखों के लिए हैदराबाद गजट लागू करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि 57 लाख दस्तावेज प्राप्त हुए हैं जो साबित करते हैं कि मराठा और कुनबी एक ही हैं। उन्होंने मराठा आरक्षण की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मामले वापस लेने की भी मांग की।