भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक प्रसिद्ध शैक्षणिक संस्थान के निदेशक को एक कर्मचारी से कथित तौर पर 1.10 लाख रुपये घूस लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
ठाणे एसीबी के पुलिस उपाधीक्षक धर्मराज सोनके ने बताया कि एक शख्स की वेतन वृद्धि दो साल के लिए रोक दी थी। इसकी बहाली के लिए कथित तौर पर शाहपुर तालुका में शैक्षणिक संस्थान के निदेशक और संयुक्त सचिव ने पैसे की मांग की। हालांकि, शख्स रिश्वत नहीं देना चाहता था इसलिए उन्होंने एसीबी से संपर्क किया।
अधिकारी ने बताया कि एसीबी ने जाल बिछाया और आरोपी को सोमवार को खिनावली इलाके में एक स्कूल के पास बस स्टॉप पर शिकायतकर्ता से 1.10 लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
नौसेना के एक अधिकारी की पत्नी और दो अन्य व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी करने और 40 लाख रुपये के होम लोन से संबंधित दस्तावेजों के फर्जी इस्तेमाल के आरोप में मामला दर्ज हुआ है।
34 वर्षीय पीड़ित मुंबई में रहता है। उन्होंने शिकायत में कहा कि जब वह रूस में काम कर रहा था तब उसकी पत्नी, महाराष्ट्र के नवी मुंबई में एक बैंक की अधिकारी और एक अन्य व्यक्ति ने इस साल की शुरुआत में धोखाधड़ी की।
सीबीडी पुलिस थाने के एक अधिकारी ने शिकायत का हवाला देते हुए बताया कि पुणे में एक फ्लैट खरीदने के लिए अपनी पत्नी के साथ संयुक्त लोन के लिए आवेदन से संबंधित फाइल में उनकी पत्नी का मोबाइल नंबर और एक फर्जी ईमेल आईडी भी शामिल है। इतना ही नही दस्तावेजों में तीसरे आरोपी के अंगूठे के निशान भी हैं। शिकायत में कहा गया है कि उन्होंने 40 लाख रुपये का होम लोन लिया और सीधे बिल्डर को इसका भुगतान किया, उसे पूरे लेनदेन और ऋण वितरण के बारे में बैंक नोटिस के बारे में अंधेरे में रखा।
अधिकारी ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य अपराधों के लिए तीनों आरोपियों के खिलाफ शनिवार को प्राथमिकी दर्ज की।