महाराष्ट्र में ठाणे जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाली 34 वर्षीय महिला को परेशान करने के मामले में एससी/एसटी अत्याचार अधिनियम के तहत पुलिस ने सात महिला और एक पुरुष के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
नारपोली पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि महिला ने शिकायत के अनुसार जून 2021 से लेकर जनवरी 2023 के बीच प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, भिवंडी के पंचायत समिति के दफ्तर और ठाणे जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग में काम करने के तहत उसे परेशान किया गया है।
एफआईआर के अनुसार कुछ अरोपी वर्ली समुदाय से संबंध रखने वाली शिकायतकर्ता द्वारा दिए गए काम को यह कहकर इनकार कर देते थे कि वह निचली जाति से है। यह भी बताया गया कि एक बार जब महिला ने उनके बोतल से पानी पी थी तब कुछ लोगों ने उससे दुरव्यवहार भी किया था।
महिला की जाति को लेकर आरोपियों में से कुछ ने दफ्तर के सहकर्मियों के सामने उसे अपमानित भी किया था। वे महिला पर झुठे आरोप भी लगाए थे, जिस वजह से उसे नौकरी से भी निकाल दिया गया था। पीड़िता ने बताया कि नौकरी से निकाले जाने के बाद वह अपने गांव मोखाडा तालुका जो पालघर के पास है, में आकर खेती करने लगी थी।
महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर सात महिला समेत आठ लोगों को के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फिलहाल इस मामले में अभी तक किसी की भी गिरफ्तारी नहीं की गई है।
बिजली चोरी मामले में 51 के खिलाफ मामला दर्ज
महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के 51 लोगों के खिलाफ बिजली चोरी करने का मामला दर्ज किया गया है। इसकी जानकारी महाराष्ट्र राज्य विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (एमएसईडीसीएल) के एक अधिकारी ने दी है।
एमएसईडीसीएल के सहायक इंजीनियर ने गंगापुर पुलिस स्टेशन में बिजली चोरी का मामला दर्ज कराया, जिसके बाद बिजली विभाग की टीम तीन जुलाई को पैठण तहसील के मायगांव पहुंची। वहां उन्हें कई अवैध कनेक्शन मिले।
बिजली चोरी के आरोपियों के खिलाफ विद्युत अधिनियम की धारा 135 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसमें आरोपियों को कम से कम तीन साल की सजा का प्रावधान है। फिलहाल इस मामले की जांच जारी है।
मां ने डांटा तो छात्रा ने लगा ली फांसी
नागपुर में एक 19 वर्षीय एक कॉलेज छात्रा ने आत्महत्या कर ली। पुलिस अधिकारी के अनुसार छात्रा को उसकी मां ने मोबाइल फोन पर अधिक समय बिताते के कारण डांट लगाई थी, जिसके बाद उसने आत्महत्या का कदम उठाया।
जेंदा चौक इलाके में रहने वाली रेनुका प्रमोद काले स्नातक प्रथम वर्ष की छात्रा थी। पुलिस ने बताया कि रेनुका के पिता का देहांत हो गया था और वह अपनी मां के साथ रहती थी।
रेनुका पढ़ाई में अच्छी थी, लेकिन पिछले कुछ समय से उसका पढ़ाई से ध्यान भटक गया था और वह फोन पर ज्यादा समय बिताया करती थी। सोमवार की दोपहर रेनुका अपने फोन में व्यस्त थी, इस दौरान उसकी मां ने पढ़ाई से ध्यान भटकने पर उसकी फटकार लगाई। रेनुका इसके बाद अपने कमरे में गई और खुद को फांसी लगा ली। गिट्टीखदान पुलिस ने दुर्घटना में मृत्यु का मामला दर्ज कर तहकीकात में जुटी है।