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Maharashtra: 'टास्क धोखाधड़ी' का पुलिस ने किया खुलासा, क्रिप्टोकरेंसी के जरिए चीन भेजे गए पैसे

Sun, 25 Jun 2023 04:47 AM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नागपुर

सार

पुलिस उपायुक्त (साइबर) अर्चित चांडक ने बताया कि नागपुर स्थित एक केमिकल इंजीनियर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत की जांच की जा रही थी। पुलिस ने इस मामले में मीत व्यास नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया था। मीत ने क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग करके एक चीनी नागरिक को पैसे ट्रांसफर किए थे। 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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विस्तार
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टास्क धोखाधड़ी की जांच कर रही नागपुर साइबर पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से एक चीनी नागरिक को पैसे ट्रांसफर करने से जुड़े लेनदेन का खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में मुंबई, गुजरात और राजस्थान से छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। 
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क्रेडिट कार्ड, मोबाइल फोन और नगदी की जब्त
पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से 19 डेबिट और क्रेडिट कार्ड, नौ मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और 7.87 लाख रुपये नकद जब्त किए। अधिकारी ने कहा कि इनके अलावा पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों से 37.26 लाख रुपये जब्त किए हैं।

चीनी नागरिक को किए गए थे पैसे ट्रांसफर
पुलिस उपायुक्त (साइबर) अर्चित चांडक ने बताया कि नागपुर स्थित एक केमिकल इंजीनियर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत की जांच की जा रही थी। पुलिस ने इस मामले में मीत व्यास नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया था। मीत ने क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग करके एक चीनी नागरिक को रुपये ट्रांसफर किए थे। चीनी नागरिक को भेजे गए रुपये आरोपियों ने धोखाधड़ी कर कमाए थे। 
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इन आरोपियों को गिरफ्तार
पुलिस ने मुंबई से आकाश तिवारी और रवि वर्मा, नालासोपारा से संतोष मिश्रा, सूरत से मीत व्यास और राजस्थान से अंकित तातेर और अरविंद शर्मा को गिरफ्तार किया। पुलिस अधिकारी ने कहा पूरे आपराधिक नेटवर्क और किसी भी संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन का भंडाफोड़ करने के लिए जांच की जा रही है। 

ऐसे करते थे धोखाधड़ी
जालसाज ठगी का शिकार बनाने वाले व्यक्ति को पहले एक वीडियो लाइक और समीक्षा करने का टास्क दिया जाता था। जालसाजों ने अलग-अलग कार्यों के लिए अलग-अलग टीमें नियुक्त की हुई थी। निगरानी के लिए आईटी और लेनेदेने के लिए एक बैंकिंग टीम बनाई हुई थी। बाद में, धोखेबाज लक्षित व्यक्तियों को कार्यों का लालच देते और फीस बढ़ाते रहते थे। पीड़ित अधिक रिटर्न की उम्मीद में उन्हें रकम देता रहता था। जब तक उन्हें एहसास होता तो आरोपी उनसे ठगी कर चुके होते थे।

ठाणे में पॉलिसी के नाम पर 277 लोगों से ठगी
चार पहिया वाहन से जुड़े एक दुर्घटना दावे ने महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक वाहन बीमा पॉलिसी धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस को अब तक ऐसी 277 फर्जी पॉलिसियों का पता चला है। इसे लेकर ठाणे पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, खुद को एक प्रतिष्ठित बीमा कंपनी का कर्मचारी बताकर दो ठगों ने लोगों के साथ धोखाधड़ी की। वे कार मालिकों से संपर्क कर उन्हें ज्यादातर कंपनियों की ओर से लिए जाने वाले शुल्क की तुलना में बहुत कम दरों पर पॉलिसी देने की पेशकश करते थे। कस्टमर को अंतिम रूप से ऐसा दस्तावेज जारी करते थे, जो बीमा पॉलिसी की तरह दिखता था। धोखाधड़ी का पता तब चला जब बीमा कंपनी ने एक दुर्घटना दावे के संबंध में बीमा पॉलिसी की जांच की और इसे फर्जी पाया।
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