उन्होंने कहा कि देश में कौन क्या खाएगा और कौन क्या पहनेगा? अब भाजपा और संघ परिवार तय करेगा। यह नागरिकों के मौलिक अधिकरों का हनन है। मुस्लिम लड़कियां स्कूल और कॉलेज जा रही हैं, पढ़ रही हैं। क्या यह परेशानी है? बेटी पढ़ाओ, नारे का क्या हुआ?
कर्नाटक से शुरू हुआ हिजाब विवाद अब पूरे देश में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनता जा रहा है। इस बीच महाराष्ट्र के मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने आरएसएस और भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि क्या अब संघ परिवार और भाजपा तय करेगी कि देश में कोई व्यक्ति क्या पहने और क्या खाए? उन्होंने आरोप लगाया कि यह नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन है।
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ट्विटर के जरिए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मलिक ने सवाल किया कि क्या मुस्लिम लड़कियों के स्कूल या कॉलेज जाने से कोई समस्या है? आश्चर्य व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि पेटी पढ़ाओ के केंद्र सरकार के नारे का क्या हुआ?
उन्होंने कहा कि देश में कौन क्या खाएगा और कौन क्या पहनेगा? अब भाजपा और संघ परिवार तय करेगा। यह नागरिकों के मौलिक अधिकरों का हनन है। मुस्लिम लड़कियां स्कूल और कॉलेज जा रही हैं, पढ़ रही हैं। क्या यह परेशानी है? बेटी पढ़ाओ, नारे का क्या हुआ?
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एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, 'भारत का विचार सहिष्णुता, समानता और एकता के बारे में है। उन मूल्यों को सिखाने के लिए शिक्षण संस्थान एक केंद्र होना चाहिए।' उन्होंने ट्विटर पर एक तस्वीर भी शेयर की। उन्होंने कहा, 'इस तस्वीर को शक्तिशाली महसूस कर रहा हूं, क्योंकि एक सशक्त महिला अपने शिक्षा के अधिकार और कपड़ों की पसंद के लिए लड़ रही है।
इससे पहले राज्य सरकार ने पिछले हफ्ते एक आदेश जारी किया था। इसमें स्कूलों और प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेजों में प्रबंधन की ओर से तय किए गए यूनिफॉर्म को अनिवार्य बनाने का आदेश दिया गया था। इसके बाद राज्य के कुछ हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए थे। वहीं, स्कूल या कॉलेज में हिजाब पर प्रतिबंध की मांग को लेकर भी कुछ हिस्सों में विरोध हुआ। बीते दिन कुछ जगहों पर हिंसक प्रदर्शन भी हुए थे।