एक मार्च 2021 को हो गया था स्नेहल लूनावत का निधन
दिलीप लूनावत के अनुसार सर्जरी के बाद भी स्नेहल की तबीयत में कोई सुधार नहीं हुआ और एक मार्च 2021 को उसका निधन हो गया। दिलीप ने दावा किया है कि मेरी बेटी स्वास्थ्य कर्मी थी और इसे टीका लेने के लिए मजबूर किया गया था। उनका कहना है कि इस कोरोना टीके की सुरक्षा पर भारतीय औषधि महानियंत्रक (डीसीजीआई) और एम्स की ओर से दिए गए बयान गलत हैं।
'केंद्र की समिति ने माना टीके के दुष्प्रभाव से हुई थी मौत'
उन्होंने सीरम संस्थान पर आरोप लगाया कि टीके का कोई दुष्प्रभाव नहीं पाया गया है, यह कहना गलत है। याचिका के अनुसार केंद्र की एईएफआई (टीकाकरण के बाद के प्रभाव) समिति ने दो अक्तूबर 2021 को कहा था कि स्नेहल की जान टीके के दुष्प्रभाव की वजह से गई थी। याचिका में स्नेहल को शहीद घोषित करने की और उसके नाम पर एक शोध संस्थान खोलने की मांग भी की गई है।