विवाद के बाद बृहन्मुंबई महानगरपालिका की उप निगमायुक्त निधि चौधरी ने शनिवार को कहा कि ट्वीट व्यंग्यात्मक था और उसकी गलत व्याख्या की गई है। विवादित ट्वीट को डिलीट कर दिया गया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने महात्मा गांधी के लिए ‘अपमानजनक’ ट्वीट और गोडसे का ‘‘महिमामंडन’’ करने को लेकर अधिकारी को निलंबित करने की मांग की।
शनिवार को राकांपा नेता जितेन्द्र अवहद ने चौधरी को निलंबित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। आलोचनाओं के बाद चौधरी ने दावा किया कि महात्मा गांधी की आत्मकथा उनकी सबसे पसंदीदा पुस्तक है और उनके ट्वीट को ‘गलत समझा’ गया है।
उन्होंने शनिवार को फिर से ट्वीट किया, ‘जिन्होंने मेरे 17-05-2019 के ट्वीट को गलत समझा है, उन्हें मेरी टाइम लाइन देखनी चाहिए। पिछले कुछ महीने के ट्वीट भी अपने आप में पर्याप्त हैं। मैं व्यंग्य के साथ लिखे इस ट्वीट को गलत तरीके से समझे जाने से बहुत दुखी हूं।’
चौधरी ने लिखा है, ‘मैं कभी गांधी जी का अपमान नहीं करूंगी। गांधी जी हमारे राष्ट्रपिता हैं और 2019 में हम सभी को देश को बेहतर बनाने के लिए कुछ करना चाहिए। आशा करती हूं कि मेरे ट्वीट को गलत समझने वाले लोग उसमें निहित व्यंग्य को समझेंगे।’