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महाराष्ट्र: पूर्व भाजपा विधायक अभिराम सिंह के बेटे सत्येंद्र सिंह कांग्रेस में शामिल

Sat, 09 Oct 2021 03:50 PM IST
Harendra Chaudhary अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई

सार

डॉ सत्येंद्र सिंह ने कहा कि शुरू में जब मैंने राजनीति में उतरने के बारे में सोचा, तो मेरे सामने भाजपा ही एकमात्र विकल्प था क्योंकि मेरे पिताजी दो बार सांताक्रुज सीट से भाजपा के विधायक रहे। लेकिन लंबे समय तक भाजपा में रहने के बाद मेरा उस दल में दम घुटने लगा था। भाजपा उत्तर भारतीयों को केवल वोट बैंक समझती है...
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सत्येंद्र सिंह कांग्रेस में शामिल - फोटो : Agency
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विस्तार
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दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी भाजपा में शामिल होने के लिए जहां तमाम दलों के नेता बेकरार दिखते हैं, ऐसे समय में मुंबई की सांताक्रुज विधानसभा सीट से भाजपा के दो बार विधायक रहे अभिराम सिंह के बेटे डॉ. सत्येंद्र सिंह का भाजपा से मोहभंग हो गया है। उन्होंने शुक्रवार को कांग्रेस का हाथ थाम लिया। डॉ. सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के मड़ियाहू तहसील के सरायडीह गांव के निवासी हैं।

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दिल्ली प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष भाई जगताप ने डॉ. सिंह का पार्टी में स्वागत किया। इस मौके पर दिल्ली की वरिष्ठ कांग्रेस नेता वंदना सिंह और मुंबई युवक कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष सूरज सिंह ठाकुर भी मौजूद थे। डॉ. सिंह को पार्टी में शामिल करने के बाद मुंबई भाजपा अध्यक्ष भाई जगताप ने पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह व पूर्व विधायक राजहंस सिंह का नाम लिए बिना कहा कि कांग्रेस के उत्तर भारतीय नेता भले ही दूसरे दलों में चले गए हों, लेकिन उत्तर भारतीय मतदाता आज भी पार्टी के साथ हैं।

वहीं, डॉ सत्येंद्र सिंह ने कहा कि शुरू में जब मैंने राजनीति में उतरने के बारे में सोचा, तो मेरे सामने भाजपा ही एकमात्र विकल्प था क्योंकि मेरे पिताजी दो बार सांताक्रुज सीट से भाजपा के विधायक रहे। लेकिन लंबे समय तक भाजपा में रहने के बाद मेरा उस दल में दम घुटने लगा था। भाजपा उत्तर भारतीयों को केवल वोट बैंक समझती है। मुझे लगता है कि मौजूदा परिवेश में देश में जिस तरह की नफरत की राजनीति की जा रही है, वह लंबे समय तक नहीं चलने वाली है।

अभिराम का टिकट कटा तो पहली बार विधायक बने थे कृपाशंकर सिंह

महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने साल 2004 में पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ा था। उस वक्त भाजपा ने दो बार विधायक रहे अभिराम सिंह का टिकट काट दिया था। इससे कृपाशंकर सिंह ने 22 हजार से अधिक मतों से जीत हासिल की थी। उस समय अभिराम सिंह ने भी कृपाशंकर सिंह की चुनाव में मदद की थी लेकिन उसके बाद दोनों के बीच राजनीतिक संबंध उतने गहरे नहीं रहे। हाल ही में कृपाशंकर सिंह भी भाजपाई हो गए। पार्टी ने उन्हें प्रदेश भाजपा का उपाध्यक्ष नियुक्त किया है। डॉ. सतेन्द्र सिंह का भाजपा से मोहभंग होने की एक वजह यह भी मानी जा रही है।

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