भाजपा ने सवाल किया कि क्या इस उद्देश्य के लिए संजय पांडे को मुंबई का नया पुलिस आयुक्त बनाया गया है और बदले की कार्रवाई प्रवीण दरेकर से शुरू की गई है। भाजपा के नितेश राणे ने कहा कि संजय पांडे अपने मालिक की योजना के अनुसार खेल रहे हैं और उनकी इच्छा पूरी कर रहे है।
फोन टैपिंग मामले में विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस का बयान दर्ज करने के बाद मुंबई पुलिस ने कथित मुंबई बैंक घोटाला मामले में विधान परिषद में विपक्ष के नेता प्रवीण दरेकर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। दरेकर पर मामला दर्ज होने के मुद्दे पर मंगलवार को विधानमंडल के दोनो सदनों में जमकर हंगामा हुआ। विपक्षी दल भाजपा ने कहा कि यह महा विकास आघाड़ी (एमवीए) सरकार की विपक्ष की आवाज दबाने की चाल है।
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प्रवीण दरेकर के खिलाफ मामला दर्ज होने के बाद मंगलवार को विधान परिषद में विपक्ष ने जमकर नारेबाजी की, जिससे सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई। भाजपा के भाई गिरकर ने कहा, दरेकर के खिलाफ प्राथमिकी विपक्ष की आवाज दबाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि एमवीए सरकार विभिन्न घोटालों और अपने ही गलत कामों में घिर गई है। इसलिए प्रवीण दरेकर के खिलाफ एफआईआर हुई है।
भाजपा के चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि एमवीए सरकार की आलोचना करने के लिए प्रवीण दरेकर को फंसाया जा रहा है। वहीं, फडणवीस ने विधानसभा में अपने सहयोगी का बचाव करते हुए इस मुद्दे को उठाया और इसे बदले की कार्रवाई बताया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना के कई विधायक श्रमिक संगठनों के अध्यक्ष और सदस्य हैं। दरेकर लेबर फेडरेशन की तरफ से नहीं बल्कि अर्बन बैंक की तरफ से चुने गए थे।
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भाजपा ने सवाल किया कि क्या इस उद्देश्य के लिए संजय पांडे को मुंबई का नया पुलिस आयुक्त बनाया गया है और बदले की कार्रवाई प्रवीण दरेकर से शुरू की गई है। भाजपा के नितेश राणे ने कहा कि संजय पांडे अपने मालिक की योजना के अनुसार खेल रहे हैं और उनकी इच्छा पूरी कर रहे है।
दरअसल, दरेकर पर आरोप है कि उन्होंने मुंबई बैंक में निदेशक का पद पाने के लिए एक श्रमिक संगठन के साथ कथित तौर पर फर्जी सदस्यता का इस्तेमाल किया और खुद को मजदूर बताने का झूठा दावा किया था। मुंबई मे आम आदमी पार्टी (आप) नेता धनंजय शिंदे की शिकायत के बाद माता रमाबाई अंबेडकर पुलिस स्टेशन में दरेकर के खिलाफ भादंसं की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (आपराधिक विश्वासघात), 120-बी (आपराधिक साजिश) सहित विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज हुई है। शिकायत के अनुसार, वह 2011 से 2021 तक मुंबई बैंक के अध्यक्ष थे और कथित तौर पर विभिन्न वित्तीय अनियमितताओं में शामिल थे।