छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे जिले भामरागढ़ में ग्रामीण अस्पताल गांव से करीब 14 किलोमीटर दूर है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि भाटपार के निवासियों को चिकित्सा सुविधा तक पहुंचने के लिए एक नदी पार करनी पड़ती है, जिस पर पुल भी नहीं है।
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसने एक बार फिर देश के विकास पर सवालिया निशान लगा दिया है। दरअसल एक घायल आदिवासी व्यक्ति को चारपाई पर लादकर उसके परिजन 14 किलोमीटर पैदल चलकर अस्पताल ले गए। इस दौरान उन्होंने एक उफनती नदी को भी पार किया।
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चारपाई को बनाया अस्थायी स्ट्रेचर
मुंबई से करीब 1,000 किलोमीटर दूर भामरागढ़ तहसील के भाटपार गांव के मल्लू मज्जी (67) गुरुवार को अपने खेत में काम करते समय घायल हो गए। इस पर उनके बेटे पुसु मज्जी और कुछ अन्य लोगों ने चारपाई को अस्थायी स्ट्रेचर में बदला और मल्लू मज्जी को चारपाई पर लिटाकर कंधे पर लादकर पैदल ही अस्पताल के लिए निकल पड़े।
छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे जिले भामरागढ़ में ग्रामीण अस्पताल गांव से करीब 14 किलोमीटर दूर है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि भाटपार के निवासियों को चिकित्सा सुविधा तक पहुंचने के लिए एक नदी पार करनी पड़ती है, जिस पर पुल भी नहीं है। उन्होंने बताया कि मल्लू के परिवार के सदस्यों ने नदी को पार करने के लिए एक पतली, लंबी लकड़ी की नाव का इस्तेमाल किया और उसके बाद अस्पताल तक पैदल ही अपनी यात्रा जारी रखी।
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शुरुआती उपचार के बाद मरीज के परिजनों ने मल्लू मज्जी को डॉक्टरों की सलाह के खिलाफ अस्पताल से छुट्टी दिलवा दी और उसे खाट पर लादकर वापस अपने गांव ले गए।