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महाराष्ट्र चुनाव: संजय राउत का दावा- महा विकास अघाड़ी में 210 सीटों पर बन चुकी सहमति, झूठ फैला रही भाजपा

Mon, 21 Oct 2024 05:31 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई।

सार

Maharashtra Eletion: शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि महा विकास अघाड़ी में 210 सीटों पर सहमति बन चुकी है। उन्होंने कहा, यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हमारा मकसद एक जुटकर होकर चुनाव लड़ना है और हम उन ताकतों को हराएंगे, जो महाराष्ट्र को लूट रही हैं।
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संजय राउत - फोटो : एएनआई (फाइल)
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विस्तार
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शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने सोमवार को कहा कि महाराष्ट्र में महा विकास अघाड़ी (एमवीए) ने विधानसभा की 288 सीटों में से 210 पर सहमति बना ली है, जो कि एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि एमवीए का मकसद उन ताकतों को हराना है जो राज्य को लूट रही हैं। 

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राउत ने कहा, 'हम 210 सीटों पर सहमति पर पहुंचे हैं। यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। हमारा मकसद एक जुटकर होकर चुनाव लड़ना है और हम उन ताकतों को हराएंगे, जो महाराष्ट्र को लूट रही हैं।' एमवीए विपक्षी दलों का गठबंधन है, जिसमें शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) शामिल हैं। जबकि महायुति एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना, भाजपा, अजित पवार की राकांपा शामिल हैं। 

राज्यसभा सांसद राउत का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब इस तरह की अटकलें चल रही थीं कि उद्धव ठाकरे की पार्टी एमवीए से अलग होकर सभी 288 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। पिछले कुछ दिनों में तीनों प्रमुख विपक्षी दलों के बीच सीट बंटवारे पर चर्चा हो रही है। जिसको लेकर कहा जा रहा है कि कांग्रेस (शिवसेना) यूबीटी एक पेज पर हैं। 
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इस तरह की भी अटकलें थीं कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राउत के साथ फोन पर बातचीत की और शिवसेना (यूबीटी)-भाजपा एक बार फिर साथ आ सकती हैं। दोनों पार्टियां 2019 से पहले दशकों तक सहयोगी रही हैं। राउत ने इन अटकलों को भी खारिज किया और भाजपा पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, भाजपा चुनाव में हार से डर रही है, इसलिए झूठी जानकारी फैला रही है।  

2019 के विधानसभा चुनाव के बाद दोनों पार्टियों ने अपना गठबंधन तोड़ दिया था। उस समय अविभाजित शिवसेना ने भाजपा पर मुख्यमत्री कार्यकाल साझा करने के वादे से पीछे हटने का आरोप लगाया था। भाजपा ने लगातार ऐसे किसी भी समझौते से इनकार किया था। राउत ने कहा कि भाजपा ने जून 2022 में शिवसेना का बंटवारा कराया। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली एमवीए सरकार गिराया और यह भी तय किया कि पार्टी का नाम और प्रतीक एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को मिले। 

राउत ने कहा, भाजपा ने गद्दारों (उद्धव ठाकरे गुट इस शब्द का इस्तेमाल एकनाथ शिंदे और बागी विधायकों के लिए करता है) को सरकार सौंपने का सबसे बुरा काम किया, जो पिछले कुछ वर्षों से राज्य को लूट रहे हैं। हमारा (उद्धव गुट का) सबसे ज्यादा टकराव भाजपा से हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस तरह की गलत सूचना का एमवीए में सीट-बंटवारे की चर्चा से कोई लेना-देना नहीं है। शिवसेना (यूबीटी) के खिलाफ कुछ कांग्रेस नेताओं की टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर राउत ने कहा कि वह इससे हैरान हैं कि कांग्रेस का एक नेता इस तरह की टिप्पणी कर सकता है। 
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