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कोरोना: मास्क की अनिवार्यता खत्म करने को विशेषज्ञों ने बताया जल्दबाजी, कहा- अभी लापरवाही ठीक नहीं

Fri, 01 Apr 2022 09:32 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप में कमी आने के साथ नियमों-प्रतिबंधों में भी राहत दी जा रही है। महाराष्ट्र सरकार ने मास्क की अनिवार्यता खत्म करने का निर्णय लिया है तो दिल्ली में मास्क न पहनने पर जुर्माने का नियम हटाया जा सकता है। लेकिन, विशेषज्ञों का मानना है कि इस समय लापरवाही बरतना ठीक नहीं है। 
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Priya Abraham - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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महाराष्ट्र सरकार ने कोविड-19 प्रतिबंधों को समाप्त करते हुए सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने की अनिवार्यता में राहत दी है। लेकिन, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि बीमारी के प्रसार को रोकने में मास्क अहम भूमिका निभाते हैं। आईसीएमआर के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (आईसीएमआर-एनआईवी) की निदेशक डॉ. प्रिया अब्राहम ने कहा है कि मास्क पहनना जारी रहना चाहिए, खास तौर पर भीड़-भाड़ वाले इलाकों में यह बहुत आवश्यक है। 

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समाचार एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार डॉ. अब्राहम ने कहा, 'मुझे नहीं लगता है कि यह सावधानियों को छोड़ देने के लिए सही समय है। मैं निजी तौर पर मानती हूं कि ऐसे किसी भी भीड़-भाड़ वाली जगह पर जहां हम एक-दूसरे के बहुत पास बैठे हैं या फिर ऐसे स्थानों पर जहां हवा का आवागमन सुचारू न हो, हमें मास्क जरूर पहनना चाहिए। कोरोना वायरस संक्रमण का प्रसार रोकने ने में मास्क निश्चित तौर पर अहम भूमिका निभाता है।'

डॉ. अब्राहम ने कहा कि अधिकतर मामलों में जब बच्चे संक्रमित होते हैं, तो उनमें हल्के या मध्यम लक्षण होते हैं। लेकिन जब एक संक्रमित बच्चा घर आता है और वहां कोई बीमार, बुजुर्ग या ऐसा व्यक्ति है जिसका टीकाकरण नहीं हुआ है, तो वह संक्रमण फैला सकता है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी का प्रकोप कम हो गया है लेकिन अभी भी हमें सतर्क रहने की जरूरत है। इस समय लापरवाही बरतने का मतलब बहुत खतरनाक साबित हो सकता है।
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मास्क की बाध्यता खत्म हो मगर लोग स्वेच्छा से लगाएं मास्क: विशेषज्ञ
वहीं, प्रख्यात विषाणु विज्ञानी टी जैकब जॉन ने कहा कि चूंकि भारत में महामारी ‘‘समाप्त’’ हो गई है, इसलिए सार्स सीओवी2 के प्रसार को रोकने के लिए मास्क की अब और आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि मास्क लगाने की अनिवार्यता खत्म कर दी जानी चाहिए और लोगों को सार्वजनिक स्थलों पर स्वेच्छा से मास्क लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए ताकि टीबी, फ्लू और सांस की बीमारी फैलाने वाले अन्य सूक्ष्म जीवों के प्रसार को रोका जा सके। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के विषाणु विज्ञान उन्नत अनुसंधान केंद्र के पूर्व निदेशक जॉन ने  कहा, मास्क लगाने की इस आदत से बीमारियां कम फैलेंगी। वर्तमान में हम किडनी प्रतिरोपण के मरीजों को मास्क लगाते देखते हैं। बस, ट्रेन, विमान में सभी को इससे लाभ होगा।

महाराष्ट्र में दो अप्रैल से हट जाएंगे कोरोना प्रतिबंध
महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को एलान किया था कि दो अप्रैल से सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने से समेत सभी कोविड संबंधित प्रतिबंध समाप्त हो जाएंगे। राज्य सरकार ने लोगों को सलाह दी है कि कोविड अनुरूप व्यवहार का पालन करते रहें, लेकिन मास्क पहनने के नियम की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इसके साथ ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी मास्क न पहनने पर लोगों पर जुर्माना लगाने का प्रावधान भी जल्द ही समाप्त किया जा सकता है। 

भारत में कम हो रहे मामले, चीन में हालात गंभीर
भारत में इस समय कोरोना के मामलों में कमी दर्ज की जा रही है। शुक्रवार को यहां केवल 1355 नए मामले दर्ज किए गए थे। वहीं, पड़ोसी देश चीन में कोरोना वायरस संक्रमण एक बार फिर रफ्तार पकड़ रहा है। चीन ने अपने वाणिज्यिक हब शंघाई में सख्त लॉकडाउन लागू किया है। इसके अलावा वहां बड़े स्तर पर लोगों की सामूहिक कोरोना जांच भी की जा रही है। चीन में कोरोना के चलते इसससमय बनी स्थिति ने एक बार फिर बड़े संकट की आहट दी है।

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