महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार ने गुरुवार को राज्यसभा चुनाव के लिए एनसीपी उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया। वरिष्ठ पार्टी नेता और राज्य मंत्री छगन भुजबल ने कहा कि वह भी चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन वह सुनेत्रा पवार के नामांकन से नाराज नहीं हैं। उन्होंने इसे सामूहिक निर्णय बताया।
हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनाव में सुनेत्रा पवार बारामती निर्वाचन क्षेत्र से हार गईं थीं। यहां उनकी भाभी सुप्रिया सुले ने लगातार चौथी बार जीत दर्ज की थी। राज्य मंत्री और वरिष्ठ एनसीपी नेता छगन भुजबल ने यहां कहा कि एनसीपी ने सुनेत्रा पवार को राज्यसभा चुनाव के लिए मैदान में उतारने का फैसला किया है। मैं भी चुनाव लड़ने के लिए उत्सुक था, लेकिन बुधवार शाम को एक बैठक के दौरान पार्टी नेताओं ने उनके नाम को अंतिम रूप दिया।
राज्यसभा सचिवालय ने उच्च सदन में 10 रिक्तियों को अधिसूचित किया है, जिनमें असम, बिहार और महाराष्ट्र में दो-दो और हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान और त्रिपुरा में एक-एक रिक्तियां शामिल हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या प्रमुख पद एक ही परिवार को दिए जा रहे हैं? इस पर भुजबल ने कहा कि अजित पवार ने सुनेत्रा पवार के नामांकन पर फैसला नहीं किया है।
भुजबल ने कहा कि सुनेत्रा पवार को मैदान में उतारने का फैसला पार्टी के कोर ग्रुप ने लिया था। यह फैसला अकेले अजीत पवार ने नहीं लिया था। यह सामूहिक फैसला था। राज्यसभा में सीटें खाली होने के बाद महाराष्ट्र से पीयूष गोयल और उदयनराजे भोंसले सहित इसके कुछ सदस्य लोकसभा के लिए चुने गए।
यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें राज्यसभा चुनाव में नहीं उतारे जाने से निराशा हुई? इस पर भुजबल ने कहा कि क्या आप इसे मेरे चेहरे पर देख सकते हैं? मैंने सामूहिक निर्णय लेने का सम्मान करना सीखा है और पिछले 57 सालों से ऐसा कर रहा हूं। चाहे शिवसेना हो या एनसीपी, निर्णय लोगों से चर्चा के बाद लिए जाते हैं, न कि किसी एक व्यक्ति की इच्छा के अनुसार।
इससे पहले भुजबल नासिक निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते थे, लेकिन एनसीपी के गठबंधन सहयोगी शिवसेना ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में वहां से अपना उम्मीदवार उतारा। यह सीट उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) ने जीती।