कोरोना से सबसे ज्यादा बेहाल महाराष्ट्र में बुधवार की रात 8 बजे से 1 मई तक लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लगाई गई हैं। इस दौरान पूरे राज्य में धारा 144 लागू रहेगा और किसी को भी बिना वजह घर से निकलने की इजाजत नहीं होगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने 4576 करोड़ का राहत पैकेज भी घोषित किया है जिसको लेकर विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने प्रदेश सरकार पर जोरदार हमला बोला है।
उद्धव ठाकरे ने केंद्रीय योजनाओं को अपनी योजना घोषित की
फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार ने राहत पैकेज में केंद्रीय योजनाओं को भी अपनी योजना के रूप में घोषित किया है। वहीं, लोगों को बिजली बिलों, संपत्ति कर और जीएसटी में कोई छूट नहीं मिली है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘ऐसा लगता है कि राज्य सरकार ने बिजली के बिलों, संपत्ति कर या जीएसटी में कोई छूट नहीं दी है।
इसी तरह सैलून संचालकों, छोटे कारोबारियों, फूल विक्रेताओं, किसानों और 12 बलूतदारों आदि के लिए कोई वित्तीय सहायता की घोषणा नहीं की गई है। ठाकरे सरकार का राहत पैकेज ऊंट के मुंह मे जीरा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए 3,300 करोड़ रुपये के आरक्षित कोष का तत्काल उपयोग कर इसका इस्तेमाल और अधिक बिस्तरों के बंदोबस्त तथा चिकित्सा उपकरणों की खरीद में होना चाहिए।