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LS Polls 2024: जातियों के गणित में BSP ने ऐसे फेंका है पासा, पवार Vs पवार की जंग में ऐसे सजाई सियासी फील्डिंग

आशीष तिवारी
Updated Mon, 06 May 2024 01:20 PM IST

सार

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का कहना है कि बारामती में सियासी परिणाम चौंकाने वाले हो सकते हैं। बारामती लोकसभा क्षेत्र में अमर उजाला डॉट कॉम ने उनकी सियासत को समझा।
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बसपा ने बारामती में बिठाए जातिगत समीकरण। - फोटो : अमर उजाला


चुनाव प्रचार समाप्त होने से कुछ घंटे पहले बहुजन समाज पार्टी में एक बड़ी जनसभा का आयोजन किया। इस जनसभा में मौजूद महाराष्ट्र पश्चिम के जोन प्रभारी कालू राम चौधरी कहते हैं कि बारामती क्षेत्र के इतिहास को अगर आप देखेंगे, तो पता चलेगा कि यह बसपा का गढ़ रहा है। यहां पर हाथी चुनाव चिन्ह से एमपी भी चुने गए हैं और एमएलए भी चुने गए हैं। यह तो मीडिया है, जो उनको लड़ाई में नहीं दिखा रहा है। यहां पर प्रियदर्शनी कोकरे को प्रत्याशी बनाया गया है। कोकरे धनकर समाज से आती हैं और 23 लाख में इस लोकसभा क्षेत्र में साढ़े छह लाख वोटर धनकर समाज का है। इसके अलावा दलित और मुस्लिम समाज भी उनके साथ है। इसके अलावा दोनों पार्टियां, जो यहां पर पहले से मैदान में चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही थीं,  लेकिन यहां पर पवार वर्सेस पवार की लड़ाई हो गई। तो वह नाराज लोग भी तो हमारे साथ आ गए हैं। इसलिए यह कहना कि बसपा यहां पर कमजोर है वह गलत है। बसपा यहां पर मजबूत लड़ाई में है। परिणाम चौकाने वाले हो सकते हैं।


यहां मौजूद बाबू पवार कहते हैं कि बारामती में पवार परिवार ने विकास के नाम पर कुछ नहीं किया। जो घोटाले किए गए थे उससे डरकर अजित पवार भारतीय जनता पार्टी के साथ मिल गए। इसकी जानकारी महाराष्ट्र में बच्चे-बच्चे को है। उनका कहना है कि इसलिए यहां की जनता ने इस बार बहुजन समाज पार्टी के पक्ष में मतदान करने का मन बनाया है। यहां मौजूद धनकर समाज से यशवंत ब्रिगेड के प्रमुख कहते हैं कि बारामती का धनखड़ समाज पूरी तरीके से बहुजन समाज पार्टी के साथ में जुड़ चुका है। वह कहते हैं कि पवार परिवार सिर्फ अपने घर की लड़ाई लड़ रहा है। जबकि यह इलाका पानी जैसी मूलभूत सुविधा से जूझ रहा है। अब यहां पर कोई अपनी बेटी के लिए लड़ाई लड़ रहा है, तो कोई अपनी पत्नी के लिए लड़ाई लड़ रहा है। जनताकी  जरूरत और उनकी समस्याओं को दूर करने के लिए तो कोई लड़ ही नहीं रहा है।


बहुजन समाज पार्टी के जिला सचिव उमेश कहते हैं कि यहां से दस किलोमीटर दूर उनका गांव है। वहां जाकर देखिए लोग पानी के लिए कैसे तरसते हैं। अजित दादा, जो यहां पर विकास की बात करते हैं वह बहुत सीमित है। उस विकास का न तो इलाके में कोई असर है और न ही बारामती शहर में। यहां का युवा नौकरी के लिए दूसरे शहरों में जा रहा है। जबकि जो इंडस्ट्रियल एरिया डेवलप हुआ है, वहां पर उनके क्षेत्र के लोगों को नौकरियों पर नहीं रखा जा रहा है। वह आरोप लगाते हैं प्रचार के लिए 500-500 रुपये खर्च करके यूपी और बिहार से आने वाली महिलाओं को क्षेत्र में ले जाया जाता है। वह कहते हैं कि जिस तरीके से बहुजन समाज पार्टी में आकाश आनंद ने एंट्री ली है, उससे उनकी पार्टी को बड़ा फायदा होने वाला है।


बहुजन समाज पार्टी के जोनल प्रभारी कालूराम चौधरी कहते हैं कि सिर्फ महाराष्ट्र हो नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्यप्रदेश समेत राजस्थान में बसपा,का परचम लहराने वाला है। उनका मानना है कि बहुजन समाज पार्टी की नीतियों और जाति समीकरणों के आधार पर ऐसा संभव होगा। महाराष्ट्र में कालूराम चौधरी अपने बड़े हुए वोट बैंक को लेकर आशान्वित हैं। वह कहते हैं कि आज चुनाव प्रचार का आखिरी दिन है। हमारे सभी कार्यकर्ताओं ने पूरी ताकत झोंक कर बारामती में सियासी माहौल बना लिया है।
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