महाराष्ट्र के बीड से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां एक 22 वर्षीय धर्मराज अर्जुन बाडे ने एक पेड़ से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। युवक बाडे गावंद्रा गांव में रहता था, जो धरूर तहसील में आता है। बाताया जा रहा है कि कुछ समय पहले धर्मराज के माता-पिता ने एक साहूकार दंपति से 50,000 रुपये का कर्ज लिया था।
साहूकार ने इस कर्ज को लेकर परिवार को बार-बार बहुत गाली-गलौज की और परेशान किया। वे बार-बार पैसे मांगते थे और परिवार को डराते-धमकाते थे। गुरुवार को धर्मराज और उसकी मां संगीता धरूर पुलिस स्टेशन गए। उन्होंने साहूकारों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। लेकिन वहां एक व्यक्ति ने उनको धमकी दी कि अगर शिकायत की तो परिवार के खिलाफ उल्टा केस करवा देंगे।
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पेड़ से फंदा लगाकर दी जान
युवक के परिवार का आरोप लगाया है कि साहूकारों के लगातार वसूली से बहुत दुखी होकर अगले दिन यानी शुक्रवार की सुबह धर्मराज ने तेलगांव-धरूर रोड पर करी शिवार नाम की जगह में एक पेड़ से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। उसके परिवार वाले कहते हैं कि साहूकारों की लगातार परेशानी और डराने-धमकाने की वजह से ही उसने ऐसा कदम उठाया।
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धर्मराज के परिवार का फूटा गुस्सा
धर्मराज की मौत के बाद उसके रिश्तेदार बहुत गुस्से में थे। उन्होंने उसका शव उठाकर दिंद्रुड पुलिस स्टेशन पर ले गए। वे वहां चार घंटे से ज्यादा समय तक बैठे रहे और मांग करते रहे कि साहूकारों के खिलाफ तुरंत केस दर्ज करो और उन्हें गिरफ्तार करो। बहुत देर तक विरोध करने के बाद शुक्रवार शाम को पुलिस ने आखिरकार दिंद्रुड पुलिस स्टेशन में साहूकारों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। इसके बाद परिवार वाले शांत हुए और धर्मराज का अंतिम संस्कार उसके गांव गावंद्रा में किया गया।
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