मुंबई के गोराई इलाके में मनोरी बीच के पास फंसे विदेशी झंडे वाले जहाज पर चोरी करने की कोशिश के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आने से चार लोगों की मौत हो गई। यह जानकारी पुलिस ने गुरुवार को दी।
क्या है पूरा मामला?
उन्होंने बताया कि जिस जहाज पर यह घटना दो-तीन दिन पहले हुई। वह तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण चार महीने पहले फंस गया था। पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, एक गिरोह पिछले एक महीने से फंसे हुए जहाज को बार-बार निशाना बना रहा था।
पुलिस ने क्या बताया?
पुलिस ने बताया कि दो-तीन दिन पहले, आठ लोगों का एक समूह स्पीडबोट से जहाज पर पहुंचा। एक व्यक्ति स्पीडबोट चलाने के लिए वहीं रुका रहा, जबकि बाकी सात लोग जहाज पर चढ़ गए।
मुश्किल तब शुरू हुई जब गिरोह के चार सदस्य चोरी करने के इरादे से गैस कटर का इस्तेमाल करके जहाज की गैस पाइपलाइन काटने के लिए अंदर के हिस्सों में गए। लेकिन एक अधिकारी ने बताया कि बंद जगह के अंदर अचानक जहरीली गैस लीक होने से चारों का दम घुट गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बारे में कैसे पता चला?
उन्होंने बताया कि यह मामला तब सामने आया जब उनके साथियों में से एक गोराई पुलिस स्टेशन पहुंचा और बताया कि उसके चार साथी जहाज के अंदर फंसे हुए हैं। सूचना मिलने के बाद, स्थानीय पुलिस ने मर्चेंट नेवी के कर्मचारियों के साथ मिलकर बचाव अभियान शुरू किया।
बुधवार को, सर्च टीमों ने हेलीकॉप्टर की मदद से जहाज में प्रवेश किया, चारों शवों को बाहर निकाला और उन्हें पोस्टमार्टम के लिए स्थानीय अस्पताल भेजा। पुलिस अधिकारी ने कहा, 'मृतक चारों लोगों की उम्र 30 साल से कम है। उनकी पहचान पक्की करने और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि चोरी करने के लिए वे समुद्र के रास्ते वहां कैसे पहुंचे।'
आगे की जांच में जुटी पुलिस
जांचकर्ताओं के अनुसार, गिरोह ने पहले भी दो बार जहाज पर धावा बोला था। शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि जहाज के मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जो अभी विदेश में है और फरार है। पुलिस इन आरोपों की भी जांच कर रही है कि फंसने से पहले जहाज तेल से जुड़ी गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है। गोराई पुलिस ने आकस्मिक मौत का मामला (ADR) दर्ज किया है और घटना की आगे की जांच चल रही है।